ढाका की जहरीली हवा: बांग्लादेश में स्वास्थ्य संकट गहराया, औद्योगिक प्रदूषण बन रहा जानलेवा बीमारियों का कारण

Bangladesh Healthcare Sector Challenges


नई दिल्ली, 5 फरवरी। बांग्लादेश में हेल्थकेयर पर संकट के बादल छाए हुए हैं। इसको बढ़ाने में औद्योगिक प्रदूषण अहम भूमिका निभा रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और औद्योगिक प्रदूषण बांग्लादेश में स्वास्थ्य संकट बढ़ा रहे हैं।

आयरिश टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि ग्लोबल सीओ2 उत्सर्जन का सिर्फ 0.3 प्रतिशत उत्सर्जन करने के बावजूद, बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हवा की गुणवत्ता गिरी है और यही इसे दुनिया के उन शहरों में शुमार करती है जहां एक्यूआई बेहद खराब है।

इससे देश की राजधानी में अस्थमा, फेफड़ों का कैंसर, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया और क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार, बांग्लादेश की जमीन नीची और समतल है। यही वजह है कि जलवायु परिवर्तन का भी नकारात्मक प्रभाव इस देश पर पड़ता है।

अभी इसकी आबादी लगभग 174 मिलियन (17 करोड़ 40 लाख) है, और एक हालिया यूएन रिपोर्ट के अनुसार, 2050 तक यह सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बन सकता है।

ढाका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजीज ऑफ द चेस्ट एंड हॉस्पिटल के डॉ. मुस्तफिजुर रहमान ने कहा कि अगर प्रदूषण इसी तरह बढ़ता रहा, तो यह बांग्लादेश के हेल्थ सिस्टम को "पूरी तरह से बर्बाद" कर सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि बहुत से लोग झुग्गियों में रहते हैं, अक्सर औद्योगिक इलाकों के पास, जहां "सीवेज सिस्टम स्टैंडर्ड जीवन के लिए काफी नहीं है" और "एक से दूसरे में संक्रमण फैलने का खतरा" रहता है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि "ढाका के आसपास के ईंट भट्टे स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं। कपड़ों और चमड़े की फैक्ट्रियों की संख्या ज्यादा है जिनसे निकला धुआं हवा में जहर घोलता है और खतरनाक पदार्थ नदियों में फेंके जाते हैं, इससे पानी प्रदूषित होता है।"

रिपोर्ट में स्वास्थ्य क्षेत्र के खर्चों का भी जिक्र किया गया है, जो अक्सर लोगों को कर्ज में धकेल देते हैं। और कर्ज चुकाने के लिए, लोग विदेश जाने के लिए मजबूर होते हैं, अक्सर अवैध रूप से भूमध्य सागर पार करके यूरोप जाते हैं।

अस्पताल में काम करने वाले रेस्पिरेटरी मेडिसिन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एमडी. सफिउन इस्लाम (50) ने कहा, "हमारे देश में राजनीतिक अशांति इसे और मुश्किल बना रही है।"

उन्होंने कहा कि पांच साल में मरीजों की संख्या "तेजी से बढ़ी है": कभी-कभी आईसीयू में भर्ती होने के लिए 20-30 लोगों की लाइन लगी रहती है।

उन्होंने कहा कि "प्रदूषण फैलाने वाले सेक्टरों" को कंट्रोल करना "एक इमरजेंसी" स्थिति है।

रहमान ने औद्योगिक क्षेत्रों को रिहायशी इलाकों से अलग करने और ढाका के निवासियों को स्वच्छता और सैनिटेशन को लेकर लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।

रहमान ने आगामी चुनाव से जुड़ी उम्मीदों पर भी बात की। उन्होंने नई सरकार से "सही प्लानिंग" करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि "सही व्यक्ति को सही जगह" पर रखा जाए।

बता दें कि यहां 12 फरवरी को चुनाव होने हैं। शेख हसीना को अगस्त 2024 में हटाए जाने के बाद यह पहला चुनाव है।
 

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