दिल्ली क्राइम ब्रांच का सराहनीय काम: दो अपहृत नाबालिगों की सुरक्षित घर वापसी, परिजनों में खुशी की लहर

दिल्ली: क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता, अपहृत दो नाबालिग को बरामद कर परिजनों से मिलाया


नई दिल्ली, 5 फरवरी। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए दो अपहृत नाबालिगों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों से मिला दिया है। दोनों बच्चे मुखर्जी नगर और वजीराबाद थाना क्षेत्र से लापता हुए थे। पुलिस की इस कार्रवाई की पीड़ित परिवारों और स्थानीय पुलिस ने सराहना की है।

पहला मामला मुखर्जी नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 12 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक के लापता होने की रिपोर्ट 6 सितंबर 2025 को दर्ज की गई थी। इस संबंध में एफआईआर संख्या 52/16, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, एएसआई अजय कुमार झा की एक विशेष टीम ने एसीपी/एएचटीयू सुरेश कुमार की निगरानी में लगातार प्रयास किए। टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, स्थानीय स्तर पर पूछताछ की, तकनीकी विश्लेषण किया, सोशल मीडिया पर बच्चे की जानकारी साझा की और परिजनों व रिश्तेदारों से पूछताछ की।

जांच में सामने आया कि बच्चा लंबे समय से निरंकारी कॉलोनी, दिल्ली में किराए के मकान में रह रहा था। वह दिन में वाहन क्लीनर और रात में सुरक्षा गार्ड का काम करता था। मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण खेलते-खेलते वह घर से भटक गया और रास्ता भूलकर आनंद विहार बस टर्मिनल पहुंच गया। पुलिस टीम ने उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।

वहीं, दूसरा मामला वजीराबाद थाना क्षेत्र का है, जहां 15 वर्षीय नाबालिग के लापता होने की रिपोर्ट 22 जनवरी 2026 को दर्ज की गई थी। इस मामले में एफआईआर संख्या 40/26 दिनांक 24.01.2026 को धारा 137(2) के तहत दर्ज की गई थी। इस मामले की जांच भी एएचटीयू, क्राइम ब्रांच ने संभाली। इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, एएसआई महेश और हेड कॉन्स्टेबल नरेश कुमार की टीम ने एसीपी/एएचटीयू सुरेश कुमार की देखरेख में गहन जांच की। टीम ने स्थानीय पूछताछ, तकनीकी सर्विलांस और परिजनों से पूछताछ की। एएसआई महेश द्वारा दी गई विशेष सूचना के आधार पर 4 फरवरी को बच्चे को दिल्ली के आजादपुर सब्जी मंडी से सकुशल बरामद कर लिया गया।

जांच में पता चला कि नाबालिग घर में परिजनों से कहासुनी के बाद घर छोड़कर अपनी मौसी के घर चला गया था। दोनों नाबालिग लड़कों को सुरक्षित बरामद कर संबंधित स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई से न केवल बच्चों को सुरक्षित घर वापस लाया जा सका, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव भी कम हुआ। दिल्ली पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की पीड़ित परिवारों ने खुले दिल से सराहना की है।
 

Latest Replies

Forum statistics

Threads
13,680
Messages
13,717
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top