बारामती, 4 फरवरी। एक भावुक क्षण में एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को अपने भतीजे और महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया है।
गोविंद बाग से बारामती पहुंचने पर शरद पवार काफी विचलित नजर आए। सुरक्षाकर्मियों के सहारे कांपते कदमों से वे अपने भतीजे के चित्र के पास पहुंचे और सिर झुकाकर मौन श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वहां मौजूद परिवार के सदस्य और समर्थक भी भावुक हो उठे।
शरद पवार ने शोक सभा के दौरान परिवार के साथ समय बिताया और श्रद्धांजलि देने पहुंचे नागरिकों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
दिवंगत अजित पवार के बारामती स्थित सहयोग सोसायटी स्थित निवास पर आयोजित शोक सभा में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार, जय पवार, श्रीनिवास पवार, रोहित पवार सहित परिवार के करीबी और विस्तारित सदस्य मौजूद रहे।
हालांकि, यह मुलाकात मुख्य रूप से निजी रही, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर खासा उत्सुकता देखी गई। उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शरद पवार और सुनेत्रा पवार के बीच यह पहली मुलाकात थी।
अजित पवार के असामयिक निधन के बाद महाराष्ट्र में शोक की लहर है। राज्यभर से नेता, समर्थक और आम नागरिक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्रित हो रहे हैं। पिछले दो दिनों से विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता पवार परिवार को अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने बारामती पहुंच रहे हैं।
मुंबई से लौटने के बाद शरद पवार ने बारामती में कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लिया। उन्होंने पार्थ पवार, जय पवार, और विजया पाटिल के साथ अलग-अलग चर्चा की। इसके अलावा विद्या प्रतिष्ठान के न्यासियों के साथ भी बैठक हुई।
इससे पहले शरद पवार ने मौजूदा राजनीतिक हालात पर मीडिया से बातचीत की। त्रासदी के तुरंत बाद सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के फैसले पर उठे सवालों के जवाब में उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया।
उन्होंने कहा, “मैं सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण पर कुछ नहीं कहना चाहता। इस समय राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत-चीन सीमा पर हालात जैसे मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।”
एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार ने तीखा खंडन किया। उन्होंने कहा कि विलय को लेकर चल रही चर्चाओं में मुख्यमंत्री फडणवीस शामिल नहीं थे, इसलिए उन्हें इस विषय पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
शरद पवार ने दोहराया कि इन चर्चाओं में केवल जयंत पाटिल और अजित पवार शामिल थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस समय पवार परिवार इस गंभीर त्रासदी से गुजर रहा था, उसी दौरान एनसीपी के भीतर विलय को लेकर बातचीत चल रही थी।