नई दिल्ली, 4 फरवरी। दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं की लिस्ट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम टॉप पर है। पीएम मोदी की ये लोकप्रियता भारत को लेकर उनके दृष्टिकोण और नेतृत्व की वजह से है। इसका ताजा उदाहरण संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के खलीज टाइम्स की एक रिपोर्ट से साफ जाहिर है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत जिस रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है, दुनिया के तमाम देश इसकी गवाह हैं।
यूएई के खलीज टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक दशक में भारत ने आर्थिक और सामाजिक बदलाव देखा है। भारत में आए इस बदलाव ने देश को 21वीं सदी की सबसे प्रभावशाली उभरती ताकतों में से एक बना दिया है।
भारत के विकास की कहानी सिर्फ कुछ मेट्रोपॉलिटन शहरों या क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि यह कई राज्यों में फैली हुई है। गुजरात ने पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश का फायदा उठाकर एक इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब के तौर पर अपनी भूमिका को मजबूत करना जारी रखा है।
रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि तमिलनाडु ने ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस्ड इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में ऊंचाई हासिल की है। इसके साथ ही तमिलनाडु ने स्किलिंग और एक्सपोर्ट्स में भी निवेश किया है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई वित्तीय सेवाओं के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और नवाचार से चलने वाले उद्यम के साथ देश के विकास के रास्ते पर सबसे आगे है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के जिन राज्यों को कभी आर्थिक रूप से पिछड़ा माना जाता था, वे भी विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा उदाहरण उत्तर प्रदेश का है। उत्तर प्रदेश ने एक्सप्रेसवे, औद्योगिक क्षेत्र और शहरी अवसंरचना में भारी निवेश किया है, जिससे शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हुई है और निवेश के नए रास्ते खुले हैं।
खलीज टाइम्स ने कहा कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ ने कृषि से जुड़े उद्योगों, क्लीन एनर्जी और लॉजिस्टिक्स पर फोकस किया है। इसके अलावा, ओडिशा मेटल्स, मिनरल्स और विनिर्माण के लिए एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। इसे बेहतर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से समर्थन मिला है।
यूएई की मीडिया रिपोर्ट्स में आगे कहा गया कि दक्षिणी राज्यों में, कर्नाटक, खासकर बेंगलुरु ने आईटी सर्विस से आगे बढ़कर स्टार्टअप रिसर्च और नई तकनीकों में टेक्नोलॉजी और नावचार के हब के तौर पर अपनी वैश्विक पहचान मजबूत की है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल सर्विस में अपनी क्षमताएं मजबूत की हैं। इसकी वजह से एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी हुई और रोजगार में मदद मिली है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पिछले दशक के सबसे बड़े बदलावों में भारत का संस्थागत और सामाजिक अवसंरचना में निवेश भी शामिल है। मजबूत बाल कल्याण प्रणाली ने राज्यों में मानव पूंजी निर्माण को मजबूती दी है।