नई दिल्ली, 4 फरवरी। देश की सबसे बड़ी सरकारी लौह अयस्क उत्पादक एनएमडीसी का उत्पादन वित्त वर्ष 26 के पहले नौ महीनों में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 42.65 मिलियन टन रहा है। यह जानकारी इस्पात मंत्रालय ने बुधवार को दी।
इस्पात मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 26 के अप्रैल-दिसंबर अवधि में कंपनी की बिक्री 39.73 मिलियन टन हो गई, जो वार्षिक आधार पर 9.7 प्रतिशत की वृद्धि है।
कंपनी ने जनवरी में अब तक का सर्वश्रेष्ठ उत्पादन एवं बिक्री दर्ज की है, जिससे कंपनी की प्रचालन गति और मजबूत हुई। कंपनी ने बीते महीने 5.56 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन किया और 4.79 मिलियन टन की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में उत्पादन में 9 प्रतिशत और बिक्री में 7 प्रतिशत की मजबूत वार्षिक वृद्धि दर्शाती है।
मंत्रालय ने बताया कि वित्तीय मोर्चे पर एनएमडीसी ने स्थापना के बाद से वित्त वर्ष 2026 के प्रथम नौ माह में शानदार प्रदर्शन किया है। इस दौरान राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 20,381 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जबकि पीबीटी में 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 7,280 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। पीएटी में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 5,401 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जबकि ईबीआईटीडीए बढ़कर 7,666 करोड़ रुपए हो गया, जो 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
मंत्रालय ने कहा कि स्थापना के बाद से अब तक के सर्वश्रेष्ठ आंकड़े हासिल करके एनएमडीसी अपने वार्षिक लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही है। जनवरी में कंपनी की प्रथम कोयला खदान - झारखंड में टोकीसुद नॉर्थ कोयला खदान का उद्घाटन भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो एनएमडीसी के इतिहास में एक और बड़ी सफलता हासिल की है।
इस्पात मंत्रालय के मुताबिक, यह प्रदर्शन एनएमडीसी के रणनीतिक फोकस, प्रचालन क्षमता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। कंपनी अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने और अपनी क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ जिम्मेवार खनन और सतत विकास के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता कायम रखती है, जिससे भारत के खनन क्षेत्र में इसकी अग्रणी स्थिति और मजबूत होती जा रही है।