नई दिल्ली, 4 जनवरी। ममता बनर्जी सुप्रीमो तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासित पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बवाल जारी है। इस बीच बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सीएम ममता बनर्जी की एक याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। वहीं, भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने ममता सरकार पर नौटंकी करने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्र से अपील की है कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाकर एसआईआर करवाना चाहिए।
भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "ममता बनर्जी ने पूरी तरह से साजिश करके पूरी प्लानिंग बनाई है। पश्चिम बंगाल में इतने ज्यादा फर्जी मतदाता हैं कि अगर वहां पर सही मतदाता सूची बन जाएगी, तो ममता बनर्जी का हारना निश्चित है। यही कारण है कि ममता को हार से बचाने के लिए उनके बीएलओ, जो टीएमसी के लोग हैं, वे जानबूझकर माहौल तैयार कर रहे हैं। वे आम आदमी के नाम में गड़बड़ी करके उन्हें सुनवाई के नाम पर बुला रहे हैं और लोगों को परेशान कर रहे हैं। यह सब ममता बनर्जी के इशारे पर ही हो रहा है।"
उन्होंने कहा, "फर्जी मतदाता को लेकर जब विपक्ष फॉर्म नंबर 7 डालने के लिए जा रहा है, तो टीएमसी के विधायक उसमें बाधा डालने का काम कर रहे हैं। चुनाव आयोग के लोगों की पिटाई हो रही है, आगजनी का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पश्चिम बंगाल की बदनामी हो रही है। ममता बनर्जी जनता के सामने ऐसा दिखाने की कोशिश कर रही हैं कि वह जनता के हित के लिए काम कर रही हैं।"
भाजपा सांसद ने कहा, "मेरी ईसीआई से अपील है कि उन्हें पश्चिम बंगाल में सही तरह से एसआईआर करके वहां से जाना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो निश्चित तौर पर 200 प्रतिशत टीएमसी की हार होगी। कोर्ट हर कोई जा सकता है, लेकिन संवैधानिक संस्था को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उसको लेकर ममता बनर्जी को सजा मिलनी चाहिए। पश्चिम बंगाल में अनुच्छेद-356, राष्ट्रपति शासन लगाकर ही एसआईआर कराना चाहिए, तभी यह सुचारू रूप से होगा, नहीं तो ऐसा संभव नहीं होगा।"
उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी के परिवार के अंदर भ्रष्टाचार है। सीएम ममता के इशारे पर पश्चिम बंगाल का वातावरण बांग्लादेश की तरह बनाने की कोशिश की गई है। पश्चिम बंगाल में पूरा विकास खत्म हो चुका है। वे सिर्फ सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं। मेरी केंद्र से अपील है कि पश्चिम बंगाल में अनुच्छेद 356 लगाकर सही तरह से एसआईआर कराना चाहिए और उसके बाद चुनाव कराना चाहिए।"