जयपुर, 4 फरवरी। बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को एमएलए एलएडी फंड घोटाले के मामले में बुधवार को जयपुर की विशेष ईडी अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 3 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया।
यह मामला विधायक क्षेत्र विकास निधि (एमएलए एलएडी फंड) के कथित गबन से जुड़ा है। बलजीत यादव की अगली पेशी 7 फरवरी को होगी। ईडी ने शुरू में छह दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल सिर्फ तीन दिन की रिमांड मंजूर की। सुनवाई विशिष्ट न्यायालय सीबीआई संख्या 3 में हुई और इसमें करीब पांच घंटे का समय लगा।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी गईं। बलजीत यादव के वकील ने उनकी गिरफ्तारी को पूरी तरह गैरकानूनी बताया और इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कार्रवाई करार दिया। वकील का कहना था कि मामला केवल राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है और पूर्व विधायक को परेशान करने के लिए यह कार्रवाई की गई।
वहीं ईडी की ओर से पेश वकील ने गहन जांच की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बलजीत यादव ने कथित तौर पर फर्जी फर्म बनाकर फंड उठवाया और मामले की जांच के लिए उन्हें रिमांड पर लिया जाना जरूरी है। ईडी ने यह भी कहा कि अन्य गवाहों के सामने पूछताछ करना आवश्यक है ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच हो सके।
न्यायालय ने सभी दलीलों को सुनने के बाद बलजीत यादव को तीन दिन की ईडी रिमांड पर भेजने का फैसला सुनाया। इस दौरान अदालत में प्रक्रिया पूरी तरह से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से हुई। सुनवाई में सभी पक्षों को विस्तार से मौका मिला कि वे अपने तर्क अदालत के सामने रखें।
न्यायाधीश खगेंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने दलीलों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल केवल तीन दिन की रिमांड दी, ताकि ईडी मामले की प्रारंभिक जांच कर सके और आगे की कार्रवाई तय हो सके। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को होगी।