नई दिल्ली, 4 फरवरी। बिहार की सरकार ने बुधवार को छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी घोषणा की है। सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में सभी प्रखंडों में डिग्री खोलने का निर्णय लिया गया है। इससे छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डिग्री कॉलेज खोलने के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सात निश्चय-3 के चौथे निश्चय ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य‘ के तहत राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है, ताकि छात्रों, विशेषकर लड़कियों, को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा हो।
उन्होंने कहा कि अभी भी राज्य के सभी 534 प्रखंडों में से 213 प्रखंडों में कोई भी अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज नहीं हैं। इसे लेकर हमारी सरकार ने पहले चरण में ऐसे सभी 213 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। इन कॉलेजों में जुलाई 2026 तक पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया है। इसी के साथ ही राज्य के पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके तहत कुल 55 शिक्षण संस्थानों का चयन किया गया है। इन प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के उन्नयन के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्रवाई की जा रही है।
सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि इन संस्थानों के पुराने अनुभवी शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं से विमर्श एवं उनका सुझाव प्राप्त कर आगे की कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना होने से उच्च शिक्षा हासिल करने में लड़कियों को काफी सुविधा मिलेगी, साथ ही प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विकसित किए जाने से युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा पाने में सहूलियत मिलेगी तथा इन संस्थानों का गौरव भी पुनर्स्थापित होगा। इससे राज्य के चहुंमुखी विकास में काफी सहयोग मिलेगा।
बता दें कि नीतीश कुमार की सरकार ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट में शिक्षा विशेष रूप से फोकस किया गया है।