पटना, 4 फरवरी। बिहार की राजधानी पटना के छात्रावास में नीट की परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है। सरकार ने इस मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई से कराने की अनुशंसा की है।
इस घटना के बाद सजग हुई सरकार ने महिला छात्रावास के लिए अब कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य कर दिया है।
पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को इस संबंध में सभी वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में पत्र भेजा है। यह परामर्श/दिशा-निर्देश सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में रह रही छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर जारी किया गया है।
जारी निर्देश के मुताबिक, सभी हॉस्टलों में 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी जरूरी होगी। इसके अलावा वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी सहित सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है। सुरक्षा के लिए हॉस्टल के मुख्य गेट, गलियारों, खाने के स्थान और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिन तक सुरक्षित रहेगी।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि समाज के विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए बालिकाओं और महिलाओं का शिक्षित और आत्मनिर्भर होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार महिलाओं के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का मानना है कि महिलाओं को स्कूल, कॉलेज, कार्यस्थल और आवासीय स्थल पर सुरक्षित माहौल मिले। महिलाओं को समान अवसर और सम्मान के साथ जीवन जीने के अधिकार में कोई बाधा नहीं आए, इसके लिए गृह विभाग ने आवश्यक निर्देश जारी किया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में चल रहे गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण अनिवार्य होगा। हर थाने में मौजूद सभी हॉस्टलों का पूरा ब्योरा रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत जानकारी मिल सके। इसकी जिम्मेदारी महिला हेल्प डेस्क को दी गई है।
उन्होंने बताया कि हॉस्टलों में पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था, मजबूत दरवाजे और ताले तथा खिड़कियों में लोहे की जाली जरूरी होगी। हॉस्टल में आने वाले हर व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर, आधार नंबर के साथ विजिटर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। कमरों वाले हिस्से में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
रात में छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए हॉस्टलों में स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड और 112 नंबर की जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड मिलकर हॉस्टलों की नियमित जांच करेंगे।
किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि बच्चियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।