इस्लामाबाद, 4 फरवरी। पाकिस्तान में हाल के समय में लगातार हिंसा में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बीते दिन बलूचिस्तान में पाक सैनिक और बलूच विद्रोहियों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में दोनों तरफ से लोग मारे गए। वहीं ताजा मामले में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत जिले में अज्ञात हमलावरों ने एक पुलिस कांस्टेबल पर हमला कर दिया और उसकी मौत हो गई। पाकिस्तान में बढ़ती हिंसा के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं।
पुलिस कांस्टेबल की हत्या लक्की मरवत के सराय नौरंग इलाके के पास नसरखेल में दरगा जंगल में हुई। जिला पुलिस प्रवक्ता कुदरतुल्लाह ने बताया कि पुलिस कांस्टेबल का हंगू ट्रेनिंग स्कूल में इलाज चल रहा था। अज्ञात हमलावरों ने कांस्टेबल को उसके घर से किडनैप कर लिया और मंगलवार रात को दरगा नाम के जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी।
पाकिस्तान में हाल के कुछ समय में आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। जब से सरकार और तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) के बीच 2022 में सीजफायर डील खत्म हुई है, खास तौर से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हिंसा में तेजी से विकास हुआ है।
बता दें, 14 जनवरी को पाकिस्तान के बलूचिस्तान के डेरा मुराद जमाली इलाके में अज्ञात हमलावरों ने एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने पुलिस के हवाले से बताया कि हेड कांस्टेबल अली गौहर 14 जनवरी को पुलिस स्टेशन जा रहे थे, तभी एक स्कूल के पास बंदूकधारियों ने उन्हें गोली मार दी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बाद में पुलिस शव को हॉस्पिटल ले गई और बाद में मेडिकल और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गौहर के परिवार को सौंप दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान में सुरक्षा की स्थिति तेजी से खराब हुई है। लगातार पांच साल से देश में तनाव, संघर्ष और हिंसा तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय मीडिया ने पीआईपीएस की पाकिस्तान सुरक्षा रिपोर्ट 2025 के हवाले से बताया कि साल 2025 में पाकिस्तान में कुल 699 हमले दर्ज किए गए। 2025 में दर्ज किए गए इन मामलों का आंकड़ा 2024 से 34 फीसदी ज्यादा है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में करीब 1,034 लोग मारे गए, जबकि 1,366 अन्य घायल हुए। बढ़ते अपराध की वजह से मौतों के आंकड़े में 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2025 में हमले, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, सीमा पर झड़पें और अपहरण सहित संघर्ष से जुड़ी हिंसा की घटनाएं बढ़कर 1,124 हो गईं। 2025 का ये आंकड़ा 2024 से 43 प्रतिशत ज्यादा है।
पाकिस्तान की वर्तमान सरकार में बलूच प्रांत में हिंसा में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। बलूचिस्तान से आए दिन जबरन किडनैपिंग, हिरासत में लेने और न्यायेतर हत्या के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया जा रहा है। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि उनके कार्यकर्ताओं को भी पाकिस्तान की सरकार निशाना बना रही है।