चेन्नई, 4 फरवरी। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तमिलनाडु चिल्ड्रेन राइटर्स एंड आर्टिस्ट्स एसोसिएशन ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने चुनावी घोषणा-पत्र में बच्चों की कला, साहित्य और पुस्तकालयों के विकास को सबसे ऊपर रखें।
एसोसिएशन का कहना है कि राज्य के सांस्कृतिक और बौद्धिक भविष्य को मजबूत बनाने के लिए युवा दिमागों में निवेश करना बहुत जरूरी है।
यह एसोसिएशन साल 2021 में बना था और अब पूरे तमिलनाडु में इसकी 35 शाखाएं काम कर रही हैं। संगठन किताबों, कहानी सुनाने, नाटक और चित्रकला के जरिए बच्चों की रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति और भावनात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का काम करता है।
एसोसिएशन का मानना है कि बच्चों का बौद्धिक, नैतिक और सांस्कृतिक विकास सरकार की नीतियों का मुख्य हिस्सा होना चाहिए, न कि कोई दूसरी या छोटी बात। इसके लिए एसोसिएशन ने एक विस्तृत चार्टर तैयार किया है, जिसमें कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं। इन मांगों को राजनीतिक दल अपने घोषणा-पत्र में शामिल करें, यही अपील की गई है।
एक प्रमुख मांग यह है कि हर साल गर्मियों की छुट्टियों में चेन्नई में बच्चों का बड़ा पुस्तक मेला लगाया जाए। इस मेले को राज्य सरकार और साउथ इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन मिलकर आयोजित करें।
एसोसिएशन का कहना है कि ऐसा मेला बच्चों में पढ़ने की आदत डालेगा, स्थानीय लेखकों को बढ़ावा मिलेगा, और अच्छी गुणवत्ता वाली बच्चों की किताबें परिवारों तक आसानी से पहुंच सकेंगी। इससे बच्चों का साहित्य और कला के प्रति रुझान बढ़ेगा और राज्य की सांस्कृतिक विरासत भी मजबूत होगी।
यह अपील चुनाव के समय इसलिए की गई है ताकि आने वाली सरकार बच्चों के लिए ठोस कदम उठाए। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि सभी दल इस मुद्दे को गंभीरता से लेंगे और बच्चों की रचनात्मक दुनिया को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।