भोपाल, 4 फरवरी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देश और प्रदेश में सबसे अधिक पीड़ित और दुखी किसान और युवा के होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों का बुरा हाल हो जाएगा।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पटवारी ने बुधवार को संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा दिया गया हालिया बयान, जिसमें भारत-अमेरिका ट्रेड डील की जानकारी सामने आई है, बेहद चिंताजनक है। इस डील के तहत भारत अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों पर शून्य प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। इसमें ड्राई फ्रूट्स, फल-सब्जियां, शराब, स्पिरिट, औद्योगिक उत्पाद, रसायन और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। वहीं, भारत में उत्पादित कृषि सामग्री जब अमेरिका जाएगी तो उस पर 18 प्रतिशत तक टैक्स लगेगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब अमेरिका का कृषि मंत्री खुलकर बयान दे रहा है, तो भारत के कृषि मंत्री, जो स्वयं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं, इस विषय पर मौन क्यों हैं? यह चुप्पी किसके दबाव में है?
जीतू पटवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले ही आगाह किया था कि यह ट्रेड डील 100 प्रतिशत भारत के खिलाफ होगी और सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुकेगी। आज यह बात एक बार फिर सत्य साबित हो गई है।
उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में किसान की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। किसी भी फसल का न तो उचित मूल्य मिल रहा है और न ही एमएसपी पर खरीदी हो रही है। भाजपा सरकार ने खेती को लाभ का धंधा बनाने का वादा किया था, लेकिन आज भारत दुनिया में किसानों की आत्महत्या के मामलों में सबसे ऊपर पहुंचता जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है। यदि अमेरिका से सस्ता कृषि उत्पादन शून्य प्रतिशत टैक्स पर भारत आएगा, तो देश के किसानों की आमदनी पूरी तरह तबाह हो जाएगी। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ किसी भी प्रकार की घात के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी और निर्णायक आंदोलन करेगी।
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कर्ज लेने के मामले में अपने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को पीछे छोड़ दिया है। चालू वित्त वर्ष में प्रदेश सरकार अब तक 1 लाख 78 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है और हाल ही में लिए गए 5,200 करोड़ रुपए को मिलाकर प्रदेश पर प्रतिदिन लगभग 213 करोड़ रुपए का कर्ज बढ़ रहा है। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट मांग करती है कि भाजपा सरकार एक श्वेत पत्र जारी करे, जिसमें प्रदेश की आर्थिक स्थिति और सुधार की योजना स्पष्ट हो।