ईडी ने स्वराज सिंह यादव के खिलाफ कोर्ट में अभियोजन शिकायत दायर की

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गुरुग्राम, 9 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुग्राम में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चलाई गई किफायती आवास परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए अभियोजन शिकायत दायर की है। यह शिकायत विशेष न्यायालय पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली में मेसर्स ओशन सेवन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर स्वराज सिंह यादव और संबंधित संस्थाओं के खिलाफ दाखिल की गई है।
ईडी की जांच कई एफआईआर पर आधारित है, जो दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज की गई थी। इन एफआईआर में घर खरीदारों और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं।

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने किफायती आवास योजना के तहत घर खरीदने की उम्मीद में अपनी जीवन भर की कमाई लगा दी थी। कंपनी ने कानूनी आवंटन और समय पर डिलीवरी का आश्वासन दिया था। लेकिन, परियोजना के लिए पर्याप्त धन इकट्ठा होने के बावजूद आज तक एक भी घर नहीं दिया गया। इससे सैकड़ों परिवार लंबे समय से अनिश्चितता और आर्थिक तंगी में जी रहे हैं।

जांच में सामने आया कि कंपनी ने एक सुनियोजित तरीके से घर खरीदारों से इकट्ठा किए गए पैसे को डायवर्ट कर दिया। इन पैसों का इस्तेमाल निर्माण के बजाय व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया, जिसमें लग्जरी संपत्तियां खरीदना शामिल है। कई घरों के आवंटन को गैर-कानूनी तरीके से रद्द कर दिया गया और उन्हीं फ्लैट्स को बाद में ऊंची कीमत पर फिर से बेचा गया। इस प्रक्रिया में कानूनी कीमत से ज्यादा राशि नकद में ली गई। घर खरीदारों को झूठा डिफॉल्टर दिखाने के लिए जाली दस्तावेज तैयार किए गए।

ईडी ने पाया कि कुल 69.02 करोड़ रुपए की अपराध की आय उत्पन्न हुई, जो जांच जारी रहने के कारण और बढ़ सकती है। यह राशि मेसर्स केटीपी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड सहित कई शेल कंपनियों के जरिए घुमाई गई और लग्जरी खर्च, अचल संपत्तियों के अधिग्रहण तथा व्यक्तिगत निवेश में लगाई गई।

13 नवंबर 2025 को दिल्ली और गुरुग्राम में छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और 86 लाख रुपए नकद जब्त किए गए। 5 जनवरी 2026 को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत 51.57 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की गईं। इनमें गुरुग्राम, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में विला, होटल, रिजॉर्ट, ऑफिस स्पेस, जमीन और बैंक बैलेंस शामिल हैं।

जांच में पता चला कि आरोपी घरेलू संपत्तियां बेचकर विदेश भागने की कोशिश कर रहा था, इसलिए उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया। स्वराज सिंह यादव को 13 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। ईडी की जांच जारी है, ताकि मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के अन्य सदस्यों और अपराध से हुई पूरी कमाई का पता लगाया जा सके।

--आईएएनएस

एसएचके/एबीएम
 

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