गुवाहाटी, 3 फरवरी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना के तहत केंद्रीय बजट 2026-27 में पूर्वोत्तर क्षेत्र को रेल संपर्क और अवसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिला है, जिसके तहत रेलवे परियोजनाओं के लिए 11,486 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में क्षेत्र में रेलवे विस्तार के लिए निरंतर समर्थन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि बढ़े हुए आवंटन से पूर्वोत्तर में संपर्क, आर्थिक विकास और रणनीतिक अवसंरचना विकास में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान बजट आवंटन 2025-26 में प्रदान किए गए 10,440 करोड़ रुपए से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में वर्तमान में 72,468 करोड़ रुपए की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं, जो क्षेत्र के परिवहन परिदृश्य को बदलने के लिए केंद्र की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। प्रमुख पहलों पर प्रकाश डालते हुए, सरमा ने कहा कि भूटान के लिए आगामी रणनीतिक रेल संपर्क कोकराझार-गेलेफू और बनारहाट-समत्से मार्गों के माध्यम से योजनाबद्ध हैं, जो सीमा पार संपर्क और व्यापार को मजबूत करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि गुवाहाटी तक एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना बनाई गई है, जिससे यह शहर पूर्वी भारत में एक प्रमुख रेल केंद्र के रूप में स्थापित हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे क्षेत्र में 96 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण पहले ही पूरा हो चुका है, जिससे दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम हुई है।
स्टेशन आधुनिकीकरण के तहत, यात्रियों की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 60 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।
सरमा ने आगे कहा कि हाथी गलियारों की सुरक्षा के लिए उन्नत एआई-आधारित थर्मल कैमरे और पहचान प्रणालियां तैनात की जा रही हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि रेलवे विस्तार वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील बना रहे।
उन्होंने इसे बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने यह भी बताया कि गुवाहाटी-कोलकाता मार्ग पर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परिचालन शुरू हो चुका है, जिससे असम और पूर्वी भारत के बीच लंबी दूरी की यात्रा में आराम बढ़ेगा और यात्रा का समय कम होगा।