ग्वालियर में आसमान से बरसी 'सफेद आफत', भारी ओलावृष्टि ने खेतों को बनाया गुलमर्ग; रबी फसलें तबाह, किसान बेहाल

ग्वालियर में भारी ओलावृष्टि से रबी फसलें तबाह, प्रशासन कर रहा आकलन


ग्वालियर, 3 फरवरी। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में फरवरी की ठंडी सुबह ने किसानों के लिए भारी मुसीबत बढ़ा दी है। भीतरवार, चीनोर और आंतरी क्षेत्रों के एक दर्जन से अधिक गांवों में मंगलवार की सुबह भारी ओलावृष्टि हुई, जिसने रबी फसलों को तबाह कर दिया।

जहां कल तक गेहूं, चना और सरसों की फसलें लहलहा रही थीं और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, वहां अब टूटे तने, झुकी बालियां और जमीन पर बिछी फसलें ही नजर आ रही हैं। ओले इतने घने और तेज थे कि कुछ ही मिनटों में खेत सफेद चादर से ढक गए। कई जगहों पर 4-6 इंच तक ओलों की परत जमी, जिससे खेत गुलमर्ग जैसे दिखने लगे।

ओलावृष्टि की खबर फैलते ही प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान राजस्व और कृषि विभाग की टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं। उन्होंने सिकरौदा, बड़की सराय, कछऊआ, भोरी, ररुआ, करहिया जैसे गांवों का दौरा किया और खेत-खेत जाकर नुकसान का जायजा लिया।

कलेक्टर ने बताया कि प्रारंभिक आकलन में करीब 200 से 250 किसान प्रभावित हुए हैं और 200 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर नुकसान हुआ है। मुख्य रूप से गेहूं की फसल को भारी क्षति पहुंची है, लेकिन चना और सरसों भी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि तीन-चार दिनों में विस्तृत सर्वे पूरा हो जाएगा, जिसके आधार पर नुकसान का सटीक आंकलन किया जाएगा और किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा। साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता भी सुनिश्चित की जाएगी।

ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की चिंता देखते हुए ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट और सांसद भरत सिंह कुशवाह ने भी कलेक्टर से फोन पर बात की और नुकसान पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने तत्काल सर्वे और राहत कार्यों के निर्देश दिए। कुछ रिपोर्ट्स में पटवारी की लापरवाही पर निलंबन जैसी कार्रवाई भी हुई है, ताकि सर्वे निष्पक्ष और तेजी से हो।

यह ओलावृष्टि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आई है, जिसने प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओले बरसाए। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना है, लेकिन किसानों के लिए यह राहत से ज्यादा चिंता का विषय है। ग्रामीण इलाकों में किसान अब उम्मीदों के मलबे पर बैठे हैं। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही मुआवजा और सहायता पहुंचेगी, लेकिन किसानों का कहना है कि फसलें बर्बाद होने से आर्थिक संकट गहरा गया है।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
3,494
Messages
3,526
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top