मुंबई, 3 फरवरी। महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को मंगलवार को पुणे और बीड जिलों का गार्जियन मिनिस्टर नियुक्त किया गया।
सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक सरकारी आदेश जारी किया है। इससे पहले ये जिम्मेदारी दिवंगत उप मुख्यमंत्री अजित पवार के पास थी।
बारामती प्लेन क्रैश में अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और यह जिम्मेदारी संभाली। उन्हें उनके पति के पास रहे वित्त और योजना विभाग नहीं दिए गए हैं। इसके बजाय उन्हें आबकारी, खेल और युवा कल्याण तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सौंपे गए हैं।
वित्त और योजना विभाग अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास हैं। उम्मीद है कि वे 23 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र के दौरान 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे।
सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह अजित पवार के निधन के चौथे दिन, शनिवार को आयोजित किया गया था। इस समारोह को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे जल्दबाजी बताया, जबकि कई लोगों ने इसका समर्थन भी किया।
एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने इस मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि परिवार ने तीसरे दिन मृत्यु के बाद की सभी रस्में (दशक्रिया विधि) पूरी कर ली थीं, इसलिए सुनेत्रा पवार ने चौथे दिन शपथ ग्रहण किया।
इस बीच पार्टी के कुछ विधायकों और संगठन के लगभग 30 सेल अध्यक्षों ने मांग की है कि सुनेत्रा पवार को एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
अजित पवार पुणे जिले में कई विकास परियोजनाओं से जुड़े फैसले लेने में सक्रिय रहे थे, और इन परियोजनाओं को शुरू कराने में उनकी अहम भूमिका रही थी।
अब पुणे की गार्जियन मंत्री के रूप में सुनेत्रा पवार को जिला योजना परिषद में अजित पवार द्वारा मंजूर की गई परियोजनाओं को पूरा कराना होगा। साथ ही, आने वाले समय में नई विकास परियोजनाओं का प्रस्ताव भी देना होगा।
इससे पहले, मौजूदा मंत्री धनंजय मुंडे के मसाजोगा गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़े विवाद के बाद इस्तीफा देने पर अजित पवार ने बीड जिले के गार्जियन मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
बीड के गार्जियन मंत्री के तौर पर अपने कुछ महीनों के कार्यकाल में अजित पवार ने कानून-व्यवस्था सुधारने और जिले में कई विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया था।
अब सुनेत्रा पवार को जिला प्रशासन के कामकाज की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी योजनाएं समय पर पूरी हों।