पटना, 3 फरवरी। बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इसे लेकर एनडीए नेताओं ने दावा किया कि इस बजट में युवा, किसान और महिलाओं का विशेष रूप से ख्याल रखा गया है।
बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि यह बजट बहुत सकारात्मक और बिहार के विकास को गति देने वाला है। इसमें किसानों, बेरोजगारों और युवाओं के लिए सब कुछ है। बिहार को इस बजट से बहुत सारे उपहार मिले हैं।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि यह बजट बिहार की प्रगति का मजबूत आधार है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को इस बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इन सभी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना और मजबूती आएगी। बिहार की विकास दर भारत के अधिकांश अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है।
बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि यह बजट तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है- एक करोड़ सरकारी नौकरियां और रोजगार उपलब्ध कराए जाएं, औद्योगिक अर्थव्यवस्था को कैसे मजबूत बनाया जाए, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कैसे सशक्त किया जाए। कृषि क्षेत्र पर इस बजट में पूरा फोकस रखा गया है।
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार का बजट काफी बड़ा है। औसतन 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। बिहार लगातार प्रगति कर रहा है। देश में बिहार की विकास दर कुछ राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों से अधिक है। विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर यह बजट तैयार किया गया है।
मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह बजट बहुत संतुलित है और इससे बिहार के विकास में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो घोषणा की है कि अगले पांच सालों में बिहार को विकसित राज्यों की सूची में शामिल किया जाएगा, यह बजट उसी घोषणा और लक्ष्य को हासिल करने के अनुरूप तैयार किया गया है।
भाजपा विधायक संगीता कुमारी ने कहा कि इस बजट में सभी वर्गों का पूरा ख्याल रखा गया है। यह जनता के साथ किए गए वादों और उनकी आशाओं को पूरा करने वाला बजट है।