मुंबई, 3 फरवरी। बॉम्बे हाईकोर्ट में गैंगस्टर अबू सलेम की पैरोल याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। अदालत ने सलेम की तरफ से पेश वकील से कहा कि अगर पैरोल मिलनी है तो पुलिस एस्कॉर्ट और सुरक्षा का पूरा खर्च सलेम को खुद उठाना होगा।
वकील ने कोर्ट को बताया कि सुरक्षा और एस्कॉर्ट का कुल खर्च लगभग 17 लाख रुपए से ज्यादा है। अबू सलेम पिछले 25 सालों से जेल में है और उसके पास कोई आय का स्रोत नहीं है, इसलिए वह इतनी बड़ी रकम नहीं भर सकता है। वकील ने कोर्ट को सूचित किया कि सलेम अधिकतम 1 लाख रुपए तक ही खर्च उठा सकता है।
अबू सलेम ने हाल ही में अपने भाई की मौत का हवाला देते हुए पैरोल की मांग की थी। वह अपने पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सरायमीर के पास जाना चाहता है। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि यह इलाका संवेदनशील है। अगर सलेम को गांव में छोड़ा गया तो शांति भंग होने का खतरा है। हालांकि, सरकार चार दिन की पैरोल देने को तैयार है, लेकिन इसके लिए सुरक्षा का पूरा खर्च आरोपी को खुद देना होगा।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह चार दिन की पैरोल देने के पक्ष में है। यह पैरोल यात्रा के समय को छोड़कर होगी और इसमें पुलिस एस्कॉर्ट और पूरी सुरक्षा व्यवस्था शामिल रहेगी। कोर्ट ने अबू सलेम से कहा कि सुरक्षा का खर्च उसे ही वहन करना होगा। अगर वह इतना खर्च नहीं उठा सकता तो पैरोल मिलना मुश्किल हो सकता है।
अबू सलेम की वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि खर्च को कम किया जाए या कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। कोर्ट ने इस पर विचार करने के बाद मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी को तय की है। उस दिन यह तय होगा कि पैरोल मिलती है या नहीं और अगर मिलती है तो किन शर्तों पर।