काबुल, 3 फरवरी। संयुक्त राष्ट्र की अफगानिस्तान सहायता मिशन (यूनामा) की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान लैंडमाइनों और अनसुलझे युद्ध अवशेषों के कारण होने वाली हताहतियों के मामले में विश्व में तीसरे स्थान पर है।
यूनामा ने मंगलवार को कहा कि इन हादसों के लगभग 80 प्रतिशत पीड़ित बच्चे हैं, जो खेलते समय या अनजाने में विस्फोटक पदार्थों को छूने के कारण घायल या मृत हो जाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यूनामा ने खदान निष्कासन और विस्फोटक जोखिमों के प्रति जागरूकता फैलाने वाले संगठनों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने की मांग की है। यह जानकारी अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने दी।
रिपोर्ट में कहा गया कि निष्कासन टीमें हर दिन खतरनाक अवशेषों को हटाने का काम करती हैं, जबकि जागरूकता अभियान लोगों को घातक सामग्रियों के संपर्क में आने से रोकने के लिए चलाए जाते हैं। यूएन मिशन ने अफगानिस्तान में लोगों को सलाह दी है कि वे संदिग्ध वस्तुओं को न छुएं और उन्हें तुरंत अधिकारियों को रिपोर्ट करें, ताकि आगे और हताहतों को रोका जा सके।
यूनामा के आंकड़ों के अनुसार, अफगानिस्तान की लगभग 3.3 मिलियन आबादी उन क्षेत्रों में रहती है, जो खदानों और अनसुलझे विस्फोटकों से संक्रमित हैं। दशकों से चले आ रहे युद्धों के कारण देश में ये विस्फोटक मौजूद हैं, जो अब भी लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं।
इससे पहले, 18 जनवरी को प्रांतीय पुलिस ने बताया कि वार्दक प्रांत में एक बच्चे की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए, जब पुराने युद्धों से बचे एक अनसुलझे विस्फोटक ने धमाका किया। पुलिस के अनुसार, बच्चों ने एक खिलौने जैसी दिखने वाली वस्तु के साथ खेलना शुरू किया, जिससे यह हादसा हुआ। घायलों को इलाज के लिए काबुल ले जाया गया।
14 जनवरी को, नांगरहार प्रांत के स्पिंगहर जिले में एक शख्स की मौत हुई, जब पुराने युद्धों से बचे एक अनसुलझे विस्फोटक में धमाका हुआ। पुलिस प्रवक्ता सैयद तैयब हेमाद ने बताया कि इस घटना में एक चरवाहा मारा गया।