नई दिल्ली, 3 फरवरी। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने हाल के दिनों में मंदिरों और धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाओं को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने समाज से मांग की है कि मंदिरों और तीर्थ स्थलों के प्रबंधन आस्था के केंद्रों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर स्पष्ट नियम बनाएं।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जहां मंदिरों, धार्मिक स्थलों और तीर्थ क्षेत्रों को अपवित्र किए जाने की घटनाएं हुई हैं।
विनोद बंसल के अनुसार, बड़े पैमाने पर तथाकथित ‘लव जिहाद’ की घटनाएं भी सामने आई हैं और कई मंदिरों तथा तीर्थ स्थलों से ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें मंदिर परिसरों में नमाज पढ़ने जैसी गतिविधियां देखी गई हैं।
उन्होंने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर में भी कश्मीर से आया एक इस्लामिक कट्टरपंथी मंदिर परिसर के भीतर पहुंच गया और वहां नमाज पढ़ने लगा।
विनोद बंसल ने कहा कि धार्मिक यात्राएं और कार्यक्रम एक सात्विक और पवित्र वातावरण में आयोजित किए जाते हैं, लेकिन ऐसे अवसरों पर कुछ लोग छद्म नाम बदलकर पूजा सामग्री और फूलों की बिक्री के दौरान उनकी पवित्रता भंग करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियां भारतीय धार्मिक मान्यताओं और आस्था को ठेस पहुंचाने वाली हैं।
वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि इन घटनाओं को देखते हुए संगठन ने मांग की है कि मंदिरों और तीर्थ स्थलों के प्रबंधन इस विषय पर गंभीरता से विचार करें कि आस्था के केंद्रों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज का संकल्प है कि धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का कथित जिहादी उत्पात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे प्रयासों का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर विनोद बंसल ने कहा कि अल्पसंख्यकों के नाम पर, कोई देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी पर दुख जता रहा है, जबकि उसी समय, इस्लामिक जिहादियों को बचा रहा है, जो असल में राक्षस हैं, और बचाने वालों को 'राक्षस' कह रहा है। इस तरह ओवैसी ने एक सांसद और पार्टी अध्यक्ष के तौर पर अपनी सोच दिखाई है। इसे कौन मानेगा? असल में, असली 'राक्षस' वे हैं जो इस्लाम के नाम पर आतंकवादी गतिविधियां करते हैं, जो हिंदू त्योहारों पर हमला करते हैं, हिंदू पूजा स्थलों को निशाना बनाते हैं, और जिहाद और पैगंबर के नाम पर गैंग चलाते हैं, जो बेगुनाह लोगों की हत्या और लिंचिंग करते हैं।