हैदराबाद, 3 फरवरी। तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार बुधवार (4 फरवरी) को विधायक कडियम श्रीहरि की अयोग्यता से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले में विधायक कडियम श्रीहरि और याचिकाकर्ता भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायक के.पी. विवेकानंद को सुनवाई के दौरान उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत गठित न्यायाधिकरण के अध्यक्ष के रूप में विधानसभा अध्यक्ष याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों को दर्ज करेंगे।
पूर्व उपमुख्यमंत्री कडियम श्रीहरि उन 10 बीआरएस विधायकों में शामिल हैं, जिन पर वर्ष 2024 में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का आरोप है।
विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले वर्ष आठ विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली थी और सात विधायकों के मामलों में आदेश भी जारी कर दिए थे। इन मामलों में अध्यक्ष ने याचिकाएं खारिज करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता विधायकों के कांग्रेस में दलबदल के ठोस सबूत पेश करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से सभी विधायक अब भी बीआरएस के सदस्य हैं।
हालांकि विधायक संजय कुमार की अयोग्यता से जुड़ी याचिका पर अब तक आदेश सुरक्षित है।
अन्य दो विधायकों- दानम नागेंद्र और कडियम श्रीहरि की अयोग्यता याचिकाओं पर पहले सुनवाई नहीं हो सकी थी, क्योंकि उन्होंने उन्हें जारी नोटिसों का जवाब दाखिल नहीं किया था।
विधानसभा अध्यक्ष ने 30 जनवरी को विधायक दानम नागेंद्र की अयोग्यता याचिका पर सुनवाई शुरू की थी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के फ्लोर लीडर और याचिकाकर्ताओं में शामिल ए. महेश्वर रेड्डी के अनुरोध पर इसे 18 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया। महेश्वर रेड्डी ने अपने तर्क प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी और नगर निकाय चुनावों के बाद सुनवाई तय करने का अनुरोध किया था।
बीआरएस विधायक एवं याचिकाकर्ता पड़ी कौशिक रेड्डी के वकील ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष हलफनामा दाखिल कर दानम नागेंद्र की अयोग्यता की मांग की। उन्होंने दलील दी कि बीआरएस टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतने के बाद नागेंद्र न केवल कांग्रेस में शामिल हुए, बल्कि 2024 का लोकसभा चुनाव भी कांग्रेस टिकट पर सिकंदराबाद से लड़ा।
वहीं, नागेंद्र ने अध्यक्ष के समक्ष प्रतिहलफनामा दाखिल कर कहा कि याचिकाकर्ताओं ने केवल मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर आरोप लगाए हैं और याचिकाएं खारिज की जानी चाहिए। वर्ष 2023 में हैदराबाद के खैरताबाद निर्वाचन क्षेत्र से बीआरएस उम्मीदवार के रूप में चुने गए नागेंद्र ने दावा किया कि मार्च 2024 में उन्होंने कांग्रेस की एक बैठक में व्यक्तिगत हैसियत से हिस्सा लिया था।
विधानसभा अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देश के बाद नागेंद्र की याचिका पर सुनवाई शुरू की है, जिसमें शीर्ष अदालत ने शेष विधायकों की अयोग्यता याचिकाओं पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेने को कहा था।
बीआरएस का आरोप है कि उसके 10 विधायक खुले तौर पर कांग्रेस में शामिल हुए और विधानसभा में ट्रेजरी बेंचों पर भी बैठे, जबकि संबंधित विधायकों ने कांग्रेस में शामिल होने से इनकार किया है। विधायकों का कहना है कि वे केवल अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात करने गए थे।