प्रधानमंत्री मोदी ने 'दिव्यांग' शब्द देकर बदली देश की सोच, दिव्यांगजनों को बताया राष्ट्र निर्माण के साझे सहभागी: सिंधिया

प्रधानमंत्री मोदी ने 'दिव्यांग' शब्द देकर बदली देश की सोच, दिव्यांगजनों को बताया राष्ट्र निर्माण के साझे सहभागी: सिंधिया


अशोकनगर/भोपाल, 3 फरवरी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संसदीय क्षेत्र के अशोकनगर जिले के मरूप गांव में आयोजित भव्य ‘दिव्यांगजन एवं वृद्धजन सहायक उपकरण वितरण शिविर’ में संवेदना और सम्मान के संकल्प को साकार किया।

इस अवसर पर उन्होंने 1237 दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को आधुनिक सहायक उपकरण वितरित करते हुए कहा कि यह आयोजन सिर्फ उपकरण वितरण नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक सशक्त कदम है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल में सेवा सिंधिया परिवार के लिए शासन का विषय नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से निभाया जा रहा एक पवित्र कर्तव्य रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अशोकनगर में 1456, गुना में 1745 और शिवपुरी में 5250 सहित कुल पूरे संसदीय क्षेत्र में 8,240 दिव्यांगजनों तक सेवा पहुंचाने का लक्ष्य किसी आंकड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 8,240 परिवारों की आशा, गरिमा और भविष्य से जुड़ा संकल्प है।

सिंधिया ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द देकर देश की सोच, संवेदना और दृष्टिकोण को नई दिशा दी है। उन्होंने ऋषि अष्टावक्र, वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता देवेंद्र झाझरिया जैसे उदाहरणों के माध्यम से कहा कि सामर्थ्य शरीर की सीमाओं से नहीं, बल्कि संकल्प और आत्मविश्वास से जन्म लेता है। ये उदाहरण दिखाते हैं कि दिव्यांगजन हमारे राष्ट्र निर्माण की सामूहिक जिम्मेदारी के सहभागी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दिव्यांगजनों की विशेषता को पहचानते हुए देश के इतिहास में पहली बार दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 संसद में पारित किया और दिव्यांगजनों के लिए आवंटन राशि को 330 करोड़ से 5 गुना बढ़ाकर 2000 करोड़ तक पहुंचाया। पूरे देश में पिछले 12 वर्षों में भाजपा सरकार द्वारा 18000 से अधिक शिविर लगाए गए हैं, जहां 21 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को सशक्तिकरण की ओर अग्रसर किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रेल विभाग ने दिव्यांग ई-टिकटिंग फोटो पहचान पत्र जारी किया है, जिससे दिव्यांगजनों को विशिष्ट रूप से टिकट मिलने की सुविधा मिलेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 32 दिव्यांगजनों को राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित किया है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह को भी इस पहल के लिए धन्यवाद किया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संबोधन के अंत में कहा, “आपका यह सैनिक आपके सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए सदैव आपके साथ खड़ा रहेगा और आपके लिए लड़ेगा।” उन्होंने सभी नागरिकों से ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प में सहभागी बनने और दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में और सशक्त रूप से जोड़ने का आह्वान किया।
 

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