कोहिमा, 2 फरवरी। नागालैंड के कार्यवाहक राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने सोमवार को कहा कि राज्य असाधारण सांस्कृतिक संपदा से संपन्न है, जो इसकी विविध परंपराओं, भाषाओं, लोककथाओं, संगीत और समृद्ध कलात्मक अभिव्यक्तियों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।
भल्ला ने सोमवार को कोहिमा के लोक भवन स्थित डॉ. इम्कोंगलीबा आओ हॉल में आयोजित एक औपचारिक समारोह में कला, संगीत और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए 2025 के राज्यपाल पुरस्कार प्रदान किए।
समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य में कला और साहित्य रोजमर्रा की जिंदगी में गहराई से समाहित हैं और यहां के लोगों की जीवंत स्मृति और आत्मा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
तेजी से बदलती दुनिया में रचनात्मक विधाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कलाकार, संगीतकार और लेखक विरासत के संरक्षक और नए विचारों के अग्रदूत दोनों के रूप में कार्य करते हैं। अपने कार्यों के माध्यम से वे समाज को उसकी जड़ों को संरक्षित रखते हुए प्रगति में योगदान देते हैं।
इस अवसर को नागालैंड की रचनात्मक भावना, सांस्कृतिक गहराई और बौद्धिक जीवंतता का उत्सव बताते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता को मान्यता देता है, बल्कि समुदायों को प्रेरित करने, उनका उत्थान करने और उन्हें एकजुट करने की रचनात्मकता की स्थायी शक्ति को भी दर्शाता है।
राज्यपाल ने कहा कि नागालैंड असाधारण सांस्कृतिक संपदा से संपन्न है, जो इसकी परंपराओं, भाषाओं, लोककथाओं, संगीत और कलात्मक अभिव्यक्तियों में परिलक्षित होती है।
पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सफलता दृढ़ता, जुनून और उद्देश्य को दर्शाती है और युवाओं के लिए एक सशक्त संदेश है कि रचनात्मक कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता न केवल नेक है बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी सहायक है।
राज्यपाल भल्ला ने रचनात्मक प्रतिभाओं के समर्थन और पोषण में परिवारों, मार्गदर्शकों, संस्थानों और सांस्कृतिक संगठनों की भूमिका की सराहना की।
राज्यपाल भल्ला ने आगे कहा कि नागालैंड सरकार सांस्कृतिक रचनात्मक अभिव्यक्तियों को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय कदम उठा रही है, जो न केवल पहचान को मजबूत करते हैं बल्कि आजीविका भी उत्पन्न करते हैं और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं।