पटना, 2 फरवरी। बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने राज्यपाल के अभिभाषण को राज्य की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण बताया।
अशोक चौधरी ने सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में मुख्य रूप से दो बिंदुओं का जिक्र किया है। पहले बिंदू के तहत, जहां उन्होंने अपने शासनकाल में हुई उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने इसके जरिए यह बताने की कोशिश की कि हमारी सरकार प्रदेश के हर लोगों के हितों के बारे में सोचती है। उन्होंने प्रदेश के विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों का भी जिक्र किया। राज्यपाल ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि हमारे पास प्रदेश के विकास के लिए बड़ा खाका है, जिसे हम निर्धारित समय पर हर कीमत में उतारकर रहेंगे।
मंत्री ने कहा कि जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की बागडोर संभाली थी, तब प्रदेश की प्रतिव्यक्ति की आय महज सात हजार रुपए थी और 46 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे थे। राज्य में सिर्फ आठ हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कें थीं। आज नीतीश कुमार के शासनकाल में 1 लाख 40 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कें हैं। इस प्रदेश में 100 फीसदी लोगों के पास बिजली है। मौजूदा समय में हमारी सरकार का लक्ष्य प्रतिव्यक्ति आय में इजाफा करना है। राष्ट्रीय स्तर पर हमारे राज्य की आय 1 लाख 44 हजार रुपए है। हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरे योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं।
साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से बजट के संबंध में दिए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमें सीएम ममता बनर्जी के बयान पर किसी भी प्रकार का ध्यान देने से पहले ये देखना होगा कि वो क्या हैं? क्या वो कोई अर्थशास्त्री हैं? वो एक राजनेता हैं। ऐसी स्थिति में अगर वह बजट के बारे में किसी भी प्रकार की टिप्पणी कर रही हैं, तो हमें यह समझना होगा कि आखिर वो किस मंशा से ऐसा कर रही हैं। सीएम ममता बनर्जी एक राजनेता हैं। ऐसी स्थिति में आप उनसे यह उम्मीद नहीं कर सकते हैं कि वो सरकार के किसी भी काम की तारीफ करें।
बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि दुनियाभर के सभी प्रख्यात अर्थशास्त्रियों ने पूरे दावे के साथ यह बात कही है कि हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था मौजूदा समय में बहुत ही तेज गति से बढ़ रही है। देश में विकास से संबंधित काम भी तेज गति से हो रहा है। विकास के इन कामों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। यही हमारी सरकार की खासियत है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।
अशोक चौधरी ने कहा कि हमें समझना होगा कि जो हिंदुस्तान पहले कभी 11वें पायदान पर था, वो आज चौथे पायदान पर आ चुका है। आखिर यह कैसा हुआ। यह हमारी सरकार की महत्वाकांक्षा की वजह से संभव है। ऐसी स्थिति में ममता बनर्जी इस संबंध में क्या बयान देती है, यह हमारे लिए मायने नहीं रखता है। हम भला उनसे तारीफ की उम्मीद कर सकते हैं। साथ ही, अगर केंद्रीय बजट की बात करें तो इसमें समाज के विभिन्न तबके के लोगों के हितों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। आखिर कैसे किसी भी व्यक्ति के जीवन में विकास की बयार बहेगी। इस संबंध में काफी पहले ही बजट में रूपरेखा तय की जा चुकी है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा।