कांग्रेस ने सिर्फ लूटा, भाजपा ने भ्रष्टाचार पर लगाई लगाम: सांसद दिनेश शर्मा

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नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि डबल इंजन की सरकारों ने जनता की जिंदगी तबाह कर दी।
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में लूटने का काम किया। भाजपा के 12 साल के शासन में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाया है। किसी पर भ्रष्टाचार का आरोप भी नहीं लगा है।

राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि देशभर में भ्रष्ट जनता पार्टी की डबल इंजन सरकारों ने जनता की जिंदगी तबाह कर दी है। भ्रष्टाचार के साथ सत्ता का दुरुपयोग और अहंकार का जहर भाजपा की राजनीति में ऊपर से नीचे तक फैल चुका है। इनके सिस्टम में गरीब, असहाय, मजदूर और मध्यम वर्ग की जिंदगी सिर्फ आंकड़ा है और विकास के नाम पर वसूली तंत्र चल रहा है।

राहुल के पोस्ट पर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत की।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जो बोल रहे हैं, पहले वह अपनी पार्टी के शासनकाल में हुए घोटालों के बारे में भी कुछ प्रकाश डाले। कांग्रेस के शासन में कितने घोटाले हुए? उन दिनों कांग्रेस पार्टी की पहचान घोटालों से ही होती थी। एक घोटाला हुआ हो तो जनता भूल भी जाए, लेकिन घोटालों की लंबी कतार है जो देशवासी कभी भूल नहीं सकते। कांग्रेस की सरकार में बिना कमीशन के कोई काम नहीं चलता था। भाजपा भ्रष्टाचार के सख्त विरोध में है, जबकि कांग्रेस ने केवल लूट का काम किया है। लुटियंस दिल्ली से सिर्फ लूटने का काम हुआ।

उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार की तारीफ करते हुए सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार में किसी भी योजना के लिए पैसों की कभी कमी नहीं हुई। योगी आदित्यनाथ केंद्र सरकार के साथ मिलकर सभी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की सड़कें पहले की तुलना में अब काफी अच्छी हो गई हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी सुधार हुआ है। मेट्रो सेवाएं चल रही हैं, एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर यहां स्थापित है और देश में सबसे ज्यादा मोबाइल फोन उत्पादन भी यूपी में हो रहा है। यह अब सर्वोत्तम प्रदेश बन चुका है।

भाजपा सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर लंबे समय से आरोप लग रहे हैं और 2020 से मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है, जिसमें कई लोग आरोपी हैं। सीबीआई ने 2020 में एफआईआर दर्ज की थी और समय-समय पर मिले सबूतों के आधार पर कार्रवाई कर रही है, जो बड़े घोटालों के मामलों में एजेंसी का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके बजाय मुख्यमंत्री खुद 'सुपर वुमन' बनकर ईडी की रेड वाली जगह पर पहुंच गईं।

डीजीपी और अन्य अधिकारियों को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी को रोकने की कोशिश की, जैसे कोई युद्ध चल रहा हो। सबूतों को कैमरे के सामने उठाकर ले जाया गया। यह एक आपराधिक कृत्य है। सबूत नष्ट करने का यह 'ऑस्कर विनिंग' प्रदर्शन हो रहा है। यह विडंबना है-यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। वे अलोकतांत्रिक कार्य कर रही हैं। अगर उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है तो घबरा क्यों रही है? सबूत लेकर भागने की जल्दबाजी क्यों दिख रही है?

भाजपा सांसद ने दावा किया कि 2026 में जनता भ्रष्टाचार के इस स्वरूप का अंत जरूर करेगी।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी
 

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