पीडब्ल्यूएल ने भारतीय पहलवानी को दी नई उड़ान, विश्व चैंपियंस संग ट्रेनिंग से ओलंपिक में पदक पक्का: कोच दहिया

पीडब्ल्यूएल में वर्ल्ड चैंपियंस के संग युवा भारतीयों की ट्रेनिंग, ओलंपिक तैयारियों पर पड़ेगा सकारात्मक असर: कोच वीरेंद्र दहिया


नोएडा, 2 फरवरी। हरियाणा थंडर ने रविवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में दिल्ली दंगल वॉरियर्स को 5-4 से मात देकर प्रो रेसलिंग लीग 2026 का खिताब अपने नाम किया। जीत के बाद, हेड कोच वीरेंद्र दहिया ने फ्रेंचाइजी की सफलता का श्रेय इसके दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दिया। इसके साथ ही उन्होंने उभरते हुए पहलवानों के लिए लीग के महत्व पर जोर दिया।

वीरेंद्र दहिया ने कहा कि लीग ने विदेशी खिलाड़ियों से सीखने के कीमती अनुभव दिए। इसके साथ ही उन्होंने विश्वास जताया है कि भारतीय पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करते रहेंगे।

फाइनल के बाद दहिया ने 'आईएएनएस' को बताया कि मैनेजमेंट को शुरू से ही कोचिंग स्टाफ पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा, "जब फ्रेंचाइजी ने पहले दिन मुझसे और हमारे असिस्टेंट कोच प्रसाद से बात की, तो उन्होंने पूरी जिम्मेदारी हमें सौंप दी। उन्होंने कभी नहीं कहा कि हमें टीम को चैंपियन बनाना है। उन्होंने बस इतना कहा कि अनुभवी खिलाड़ियों और नए टैलेंट को मौके दिए जाने चाहिए। नीलामी के दौरान, हमने क्वालिटी वाले पहलवानों और भारतीय खिलाड़ियों को चुनने पर ध्यान दिया, जिन्हें इस प्लेटफॉर्म से फायदा होगा। हमने टीम में संतुलन बनाए रखने के लिए 18-19 साल के पहलवानों को चुना। इसीलिए हम सेमीफाइनल, फिर फाइनल तक पहुंचे और आखिरकार जीत गए। यह पूरी टीम वर्क का नतीजा था।"

हरियाणा थंडर के कोच वीरेंद्र दहिया पिछले चार वर्षों से भारतीय कुश्ती सेटअप से जुड़े हुए हैं। वह वर्तमान में महिला नेशनल टीम के हेड कोच हैं। उन्होंने देश में युवा महिला पहलवानों की शानदार प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा, "18 से 20 साल की कई लड़कियों ने पहले ही हमारी दूसरी टीमों में हिस्सा लिया है। इन लड़कियों ने ओलंपिक मेडलिस्ट, यूरोपीय चैंपियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट को हराया है। काजल और सारिका जैसी पहलवानों ने ऐसा किया है। इन लड़कियों का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। यह आगामी एशियन गेम्स में भारत के लिए बहुत फायदेमंद होगा।"

कोच ने विदेशी पहलवानों के साथ मुकाबले से मिले अनुभव के महत्व पर भी जोर देते हुए इसे भारतीय एथलीट्स के मनोबल बढ़ाने वाला बताया।

उन्होंने कहा, "विदेशी पहलवानों के साथ खेलने से बहुत मदद मिलती है। हमारी कई लड़कियों ने सुसाकी जैसे किसी खिलाड़ी को सिर्फ टेलीविजन पर देखा था। पहले दिन, उनमें से कुछ तो इतने बड़े स्टार को अपने साथ ट्रेनिंग करते देखकर रो भी पड़ीं। वह पिछले 20 दिनों से हमारे साथ ट्रेनिंग कर रही हैं। सभी लड़कियों का मनोबल काफी बढ़ गया है। अब वे सुसाकी (यूई) जैसा बनना चाहती हैं।"

दहिया ने कोविड-19 महामारी के कारण आई रुकावट के बाद लीग को फिर से शुरू करने और पहलवानों के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म बनाने के लिए भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की तारीफ करते हुए कहा, "यह भारतीय कुश्ती महासंघ की दूरदर्शिता रही है। कोविड के कारण लीग रुक गई थी, लेकिन डब्ल्यूएफआई ने इसे फिर से शुरू करने और पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए एक नया प्लेटफॉर्म देने के लिए कड़ी मेहनत की। मैंने पता चला है कि भविष्य में टीमों की संख्या 6 से बढ़कर 12 हो जाएगी, और मैच अलग-अलग राज्यों में होंगे। इसका हमारी ओलंपिक तैयारियों पर बहुत सकारात्मक असर पड़ेगा।"
 

Similar threads

Trending Content

Forum statistics

Threads
3,502
Messages
3,534
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top