उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क गरजे: केंद्रीय बजट में तेलंगाना के साथ फिर अन्याय, विकास की उम्मीदों पर पानी फिरा

केंद्रीय बजट में तेलंगाना के साथ फिर अन्याय हुआ: उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क


हैदराबाद, 1 फरवरी। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट में एक बार फिर तेलंगाना के साथ अन्याय किया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि तेलंगाना को इस 53.47 लाख करोड़ रुपए के बजट में कुछ भी नहीं मिला, जबकि राज्य को कई परियोजनाओं के लिए उम्मीद थी।

उन्होंने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कैबिनेट मंत्री और सांसदों ने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री से मिलकर राज्य के विकास और हितों से जुड़े प्रस्ताव दिए, लेकिन बजट में किसी भी तरह का आवंटन न होने से गहरी निराशा हुई है।

विक्रमार्क ने कहा कि राज्य को मूसी नदी के पुनर्जीवन, रीजनल रिंग रोड, हैदराबाद शहर के विकास, मेट्रो रेल विस्तार और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए केंद्र से फंड की उम्मीद थी।

उन्होंने कहा कि जब भी बायोफार्मा की बात होती है, तो सबसे पहले तेलंगाना का नाम आता है, लेकिन इसके बावजूद राज्य को कोई आवंटन न मिलना बेहद निराशाजनक है।

उन्होंने यह भी कहा कि हैदराबाद को दुनिया भर में एक फार्मा हब के रूप में जाना जाता है। कोविड काल के दौरान भारत बायोटेक ने देश ही नहीं, बल्कि दुनिया को वैक्सीन सप्लाई की, फिर भी तेलंगाना को फार्मा हब योजनाओं में शामिल नहीं किया गया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए 40,000 करोड़ रुपए रखे गए हैं, लेकिन तेलंगाना को एक भी रुपया नहीं दिया गया, जबकि हैदराबाद में इलेक्ट्रॉनिक्स का मजबूत इकोसिस्टम मौजूद है।

उन्होंने बताया कि तेलंगाना सरकार खेलों पर खास ध्यान दे रही है। ग्लोबल समिट और विजन 2047 के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेल आयोजन किए गए, लेकिन इसके बावजूद केंद्र ने तेलंगाना को नजरअंदाज किया।

विक्रमार्क ने कहा, “ऑरेंज इकॉनमी के तहत हैदराबाद से जुड़ी गतिविधियों को मुंबई शिफ्ट कर दिया गया। तेलंगाना ने क्या गलती की? ऑडियो-वीडियो, गेमिंग और कॉमिक्स का सबसे बड़ा केंद्र हैदराबाद है। इसके बावजूद मुंबई को चुना जाना अन्यायपूर्ण है।”

उन्होंने कहा कि हैदराबाद तेजी से मेडिकल हब बन रहा है, जहां देश-विदेश से लोग इलाज के लिए आते हैं। इसके बावजूद तेलंगाना को रीजनल मेडिकल वैल्यू हब योजना में शामिल नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी तेलंगाना के साथ अन्याय हुआ है। राज्य में रामप्पा मंदिर (यूनेस्को धरोहर), मन्नानूर टाइगर रिजर्व, कवाल रिजर्व फॉरेस्ट, झरने, कृष्णा और गोदावरी के किनारे मंदिर और घने वन क्षेत्र मौजूद हैं।

विक्रमार्क ने कहा कि रेयर अर्थ मिनरल्स के मामले में भी केंद्र ने तेलंगाना पर ध्यान नहीं दिया। सिंगरेनी कोलियरीज पहले से ही सतुपल्ली और रामागुंडम में स्कैंडियम और लिथियम निकालने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू ने खुद प्रधानमंत्री से मिलकर तेलंगाना के लिए सेमीकंडक्टर यूनिट की मांग की थी, लेकिन बजट में यह परियोजनाएं अन्य राज्यों को दे दी गईं और तेलंगाना के साथ सौतेला व्यवहार किया गया।

उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस बजट में एससी, एसटी और अल्पसंख्यकों के कल्याण पर भी ध्यान नहीं दिया गया है। साथ ही मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण गरीबों को भारी नुकसान होगा।

उन्होंने सभी तेलंगाना सांसदों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेद भुलाकर इस बजट सत्र में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से मिलकर राज्य के लिए फंड आवंटन की मांग करें।
 
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