दिल्ली: गांधी नगर के व्यापारी मायूस, बोले- बजट ने लोकल को भुलाया, सिर्फ विदेशियों को राहत दी

दिल्ली: गांधी नगर बाजार के व्यापारियों की केंद्रीय बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया


नई दिल्ली, 1 फरवरी। दिल्ली के गांधी नगर बाजार के व्यापारियों ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे काफी हद तक औसत बताया है।

व्यापारियों के अनुसार, बजट का कोई खास प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है और यह स्थानीय बाजारों और छोटे व्यवसायों की समस्याओं का पर्याप्त रूप से समाधान नहीं करता है।

गांधी नगर बाजार सुभाष रोड एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने कहा कि बजट कोई खास नहीं है और लगभग पिछले साल के बजट जैसा ही है।

उन्होंने कहा कि इसमें ऐसा कुछ भी नया नहीं है, जिससे जिला स्तर के या स्थानीय व्यापारियों को कोई बड़ा लाभ मिले।

गुप्ता ने बताया कि बजट मुख्य रूप से विदेश यात्रा करने वाले लोगों को राहत प्रदान करता है। उन्होंने एक विशेष कर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का उदाहरण दिया।

उन्होंने आगे कहा कि कोविड-19 काल से ही बाजार की स्थिति कमजोर बनी हुई है और सरकार को बाजारों और छोटे व्यापारियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।

इस बीच, एसोसिएशन के सदस्य और दुकानदार जितेंद्र सिंह ने बजट पर अपेक्षाकृत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने उत्पादों पर जीएसटी की दरें संतुलित तरीके से तय की हैं, जिससे व्यापारियों को राहत मिली है।

उनके अनुसार, इससे न केवल व्यापारियों को बल्कि उपभोक्ताओं को भी लंबे समय में लाभ होगा।

गांधी नगर मार्केट सुभाष रोड एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने कहा कि इस साल का बजट पिछले बजट की तरह ही साधारण है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में व्यावसायिक गतिविधियां सुस्त हैं और केवल कर बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कारोबार में सुधार नहीं हुआ तो व्यापारी कर कैसे चुका पाएंगे। हालांकि, उन्होंने छात्रों के लिए विदेश में शिक्षा को सस्ता करने के कदम का स्वागत किया और शराब और सिगरेट की कीमतों में वृद्धि को एक अच्छा निर्णय बताया।
 

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