नई दिल्ली, 1 फरवरी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट को पेश किया। विपक्ष ने बजट को देश के आम लोगों के खिलाफ बताया। इस बीच समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "बजट से लोगों को बहुत उम्मीद थी, लेकिन इस बजट को देखने के बाद हमें निराशा हुई। यह बजट इस देश के 95 प्रतिशत आम लोगों से बहुत दूर है। यह बजट देश के पांच प्रतिशत लोगों के विकास के लिए लाया गया है। इस बजट से हमारे देश का किसान, जो इस देश की आत्मा है, उसके लिए कोई प्रावधान नहीं है। हमारे देश का नौजवान, युवा जो पढ़-लिखकर तैयार है, जो देश में करोड़ों की संख्या में बेरोजगार है, यह उसके खिलाफ है। बजट से इस वर्ग को निराशा लगी है।"
उन्होंने कहा, "इस बजट में महंगाई दर में कहीं कुछ अंकुश लगने की बात नहीं है। सोना-चांदी इतनी महंगी हो गई कि दुनिया के किसी भी मुल्क में इतनी महंगी नहीं है। हमारे प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए कहा था कि उनकी आमदनी दोगुनी होगी, लेकिन इस बजट में इसे पूरा करने के लिए कोई पैकेज नहीं है। किसानों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। खेती को बढ़ाने के लिए, सरकार के पास कोई योजना नहीं है। आज किसानों का आलू खेत में तैयार है, उसके लिए बाजार नहीं है। मंडियां हमारी बैठ गई हैं। उत्तर प्रदेश में मंडियां बंद हो चुकी हैं।"
सपा सांसद ने कहा, "आज उत्तर प्रदेश, जो किसी देश के बराबर है, में अस्पतालों की हालत बहुत खराब है। दवाएं नहीं हैं, बेड नहीं हैं, और डॉक्टरों की कमी है। बहुत से गरीबों की मौत हो रही है, खासतौर पर जिनको कैंसर हुआ है। हमारे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की अयोध्या में लोगों के घरों को उजाड़ा गया है। किसानों की जमीन को कौड़ियों के भाव में लिया गया है और उसका मुआवजा नहीं दिया गया है। किसानों के घरों पर बुलडोजर चल रहा है। भाजपा ने प्रभु श्रीराम की मर्यादा को ध्वस्त किया है। बजट में मुआवजे के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। अयोध्या के विकास के लिए एक पैसे की भी योजना नहीं लाई गई है। यह बजट सिर्फ देश के पांच फीसदी पूंजीपतियों का बजट है।"