नई दिल्ली, 1 फरवरी। यूएस में जिस तरह से अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) ने कार्रवाई के दौरान दो अलग-अलग मामलों में एक महिला और एक पुरुष को मौत के घाट उतार दिया, उसे लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। इस बीच फ्रांस की टेक कंपनी कैपजेमिनी ने रविवार को कहा कि वह अपनी अमेरिकी सब्सिडियरी कैपजेमिनी गवर्नमेंट सॉल्यूशंस को बेच रही है।
हाल के दिनों में उस पर अमेरिकी इमिग्रेशन एनफोर्समेंट एजेंसी के साथ हस्ताक्षर किए गए कॉन्ट्रैक्ट के बारे में बताने का दबाव था। कैपजेमिनी ने एक बयान में कहा, "कैपजेमिनी ने माना कि क्लासिफाइड एक्टिविटी करने वाली आईसीई के साथ कॉन्ट्रैक्ट करने पर अमेरिका में लगाई गई आम कानूनी पाबंदियां कंपनी को इस सब्सिडियरी के ऑपरेशन के कुछ पहलुओं पर सही कंट्रोल करने की इजाजत नहीं देतीं, ताकि कंपनी के मकसद के साथ तालमेल सुनिश्चित हो सके।"
उसने कहा कि अनावरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी। फ्रांस ने बताया कि कैपजेमिनी स्किप ट्रेसिंग सर्विस बेचती थी। यह उन लोगों का डेटा-ड्रिवन पता लगाने और ट्रैक करने का एक तरीका है जिनकी लोकेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है। इसका इस्तेमाल आईसीई घर और काम के पते सत्यापित करने और बड़े पैमाने पर एंटी-इमिग्रेशन कार्रवाई के तहत लोगों को हटाने के ऑपरेशन में मदद करने के लिए करता था।
आईसीई और कैपजेमिनी का फ्रेमवर्क एग्रीमेंट 365 मिलियन डॉलर से ज्यादा का है। इसमें से लगभग 4.8 मिलियन डॉलर पहले ही दिए जा चुके हैं। कैपजेमिनी लगभग 50 देशों में काम करती है। इसने इस वीकेंड एक इमरजेंसी बोर्ड मीटिंग बुलाई। कर्मचारियों को भेजे गए एक इंटरनल मैसेज में कंपनी ने बताया कि दिसंबर में दिया गया विवादित कॉन्ट्रैक्ट "अपील का विषय था।"
कंपनी के अनुसार कैपजेमिनी गवर्नमेंट सॉल्यूशंस 2025 में इसके अनुमानित रेवेन्यू का 0.4 फीसदी और अमेरिका में इसके रेवेन्यू का 2 प्रतिशत से भी कम है।
बता दें कि हाल ही में फेडरल इमिग्रेशन एजेंटों की कार्रवाई के दौरान आईसीई एजेंटों की गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी। इस बात को लेकर मिनियापोलिस में भीषण प्रदर्शन चल रहा है। इसका असर अमेरिका में 2026 के लिए बजट पास करने पर भी हुआ। कांग्रेस द्वारा डेडलाइन से पहले 2026 का फेडरल बजट पास करने में नाकाम हो गई। अमेरिकी सांसदों ने उम्मीद जताई है कि कांग्रेस में अगले हफ्ते की शुरुआत में सीनेट के समर्थन से फंडिंग पैकेज को मंजूरी मिल जाएगी और आंशिक बंदी के आसार खत्म हो जाएंगे।
फंडिंग में यह कमी डेमोक्रेटिक गुस्से के बीच बातचीत टूटने के बाद हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना से डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के लिए फंडिंग पर चर्चा रुक गई, जो बजट बातचीत में एक मुख्य मुद्दा था। डेडलाइन तक कोई समझौता न होने की वजह से कई गैर-जरूरी सरकारी काम रोक दिए गए।
इस शटडाउन से शिक्षा, स्वास्थ्य, हाउसिंग और रक्षा वगैरह की देखरेख करने वाले डिपार्टमेंट पर असर पड़ा है।
अधिकारियों ने कहा कि शटडाउन प्रक्रिया रातों-रात शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि दोनों पार्टियों के कांग्रेस नेताओं ने ये पार्शियल शटडाउन जल्द ही खत्म होने की उम्मीद जताई है।