कोलकाता, 1 फरवरी। केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम-वेस्ट बंगाल की प्रेसिडेंट ममता बिनानी ने सकारात्मक राय जताई है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने वाली दिशा में है।
ममता बिनानी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भले ही कॉर्पोरेट सेक्टर में न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी), सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) या बायबैक रेगुलेशन जैसे कुछ प्रावधानों से असंतोष हो सकता है, लेकिन हर बजट में ऐसा कुछ न कुछ होता ही है। कोई न कोई वर्ग हमेशा असंतुष्ट रहता है, यह सामान्य प्रक्रिया है।
ममता बिनानी ने कहा, "सरकार लगातार संशोधन करती रहती है क्योंकि वह समाज और कॉर्पोरेट सेक्टर में हो रहे बदलावों पर गहरी नजर रखती है। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। लेकिन कुल मिलाकर कानून का ढांचा मजबूत और सही दिशा में है। मुझे लगता है कि बजट स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स की ओर बढ़ रहा है, जो लंबे समय में अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। यह पॉपुलिस्ट बजट से ज्यादा सस्टेनेबल और संरचना-उन्मुख है, जिससे हम काफी खुश हैं।"
उन्होंने पश्चिम बंगाल के संदर्भ में भी सकारात्मक बात कही। बिनानी ने कहा कि बंगाल में आने वाली कोई भी सकारात्मक पहल का लोग स्वागत करेंगे। ट्रेड कॉरिडोर या अन्य विकास परियोजनाओं से इस क्षेत्र में आर्थिक वृद्धि, खुशहाली और समृद्धि आएगी। लोग इस हिस्से में काफी उत्सुक हैं और कोई भी पॉजिटिव डेवलपमेंट एक बड़ा बदलाव लाता है।
एमएसएमई सेक्टर की अहमियत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, "एमएसएमई हमेशा से सरकार के फोकस में रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक यह सेक्टर देश की जीडीपी में करीब 30 प्रतिशत का योगदान देता है और निर्यात में 45 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। लाखों युवाओं और आम नागरिकों को रोजगार देने वाला यह सेक्टर अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसलिए इस पर सरकार का विशेष ध्यान देना पूरी तरह तर्कसंगत है।"
बिनानी ने बजट को संरचनात्मक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट सिर्फ अल्पकालिक राहत देने वाला नहीं है, बल्कि लंबी अवधि के लिए मजबूत नींव तैयार करने वाला है। एमएसएमई सेक्टर को मिलने वाला समर्थन, विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने वाले प्रावधान और आत्मनिर्भरता पर फोकस से उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में छोटे और मध्यम उद्यमों को और मजबूती मिलेगी।