मुंबई, 1 फरवरी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।
उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय करों से महाराष्ट्र को 98,306 करोड़ रुपए मिलेंगे और इसके अलावा, बजट के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 12,355 करोड़ रुपए विभिन्न परियोजनाओं के लिए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इसलिए, महाराष्ट्र को लगभग 1 लाख करोड़ रुपए मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर से जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि पुणे-हैदराबाद कॉरिडोर से मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र को बहुत लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), पुणे महानगर क्षेत्र और नागपुर महानगर क्षेत्र के विकास केंद्रों को लाभ पहुंचाने के लिए 5 वर्षों में विकास केंद्रों के लिए 5000 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे।
फडणवीस ने कहा कि 12,355 करोड़ रुपए की कुल धनराशि में से महाराष्ट्र ग्रामीण सड़क परियोजना को 378.38 करोड़ रुपए, महाराष्ट्र कृषि व्यवसाय परियोजना को 167.28 करोड़ रुपए, समावेशी विकास के लिए आर्थिक क्लस्टर को 283.77 करोड़ रुपए, महाराष्ट्र तृतीयक देखभाल और चिकित्सा शिक्षा विकास कार्यक्रम को 385.78 करोड़ रुपए, लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की सौर ऊर्जा को 207.10 करोड़ रुपए, कृषि और ग्रामीण परिवर्तन परियोजना को 646.24 करोड़ रुपए, मानव विकास के लिए कौशल और व्यावहारिक ज्ञान परियोजना को 313.65 करोड़ रुपए, जिलों में संस्थागत क्षमता निर्माण के लिए 240.90 करोड़ रुपए, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड कॉरिडोर को 6103 करोड़ रुपए, मुंबई मेट्रो को 1702 करोड़ रुपए, एमयूटीपी 3 को 462 करोड़ रुपए, एमएमआर में हरित गतिशीलता को 155.32 करोड़ रुपए, समृद्धि राजमार्ग पर आईटीएस को 680.79 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल मुंबई और पुणे के लिए प्रारंभिक आंकड़े हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और सिंचाई के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना की सफलता के बाद, महिलाओं के लिए अलग मॉल और औद्योगिक अवसर सृजित करने की योजना बहुत महत्वपूर्ण है।