अयोध्या, 1 फरवरी। फरवरी की शुरुआत के साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने कार्यकाल का नौवां बजट पेश कर दिया है, जिसमें कृषि, रोजगार, शिक्षा और पर्यटन को विशेष महत्व दिया गया है। केंद्रीय बजट में 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 प्रशिक्षित गाइड की तैनाती की घोषणा पर संत-समाज और अयोध्या में तैनात प्रशिक्षित गाइड ने खुशी जाहिर की है।
केंद्रीय सरकार द्वारा पेश किए बजट पर साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने कहा, "ये बजट सराहनीय और साधुवाद का बजट है। बजट में जन साधारण लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है, खासकर युवाओं के लिए और कृषि से जुड़े लोगों के लिए ये बजट खुशियां लेकर आया है। भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है और सबसे खास बात है कि 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 प्रशिक्षित गाइड की तैनाती की बात कही गई है और ये युवाओं को रोजगार देने वाला और पर्यटन को बढ़ावा देने वाला काम है।"
एक अन्य संत ने कहा, "आज जो बजट पेश किया है, वो सराहनीय है। इसमें सभी वर्ग का ध्यान रखा गया है, जैसे कैंसर और मधुमेह की दवाइयां सस्ती हो रही हैं। आज के समय में कैंसर और मधुमेह की बीमारी तेजी से फैल रही है और दवाएं महंगी होने की वजह से कुछ लोग इलाज से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में सरकार और पीएम मोदी ने जो भी बजट पेश किया है, वो सराहनीय है और लोगों के लिए खुशी लेकर आया है। वहीं 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 प्रशिक्षित गाइड की तैनाती की घोषणा भी रोजगार को बढ़ावा देने में मदद करेगी।"
अयोध्या के लोकल टूर गाइड धर्मेद्र पांडे का कहना है कि 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 प्रशिक्षित गाइड की तैनाती की घोषणा अच्छी है और हम भी अयोध्या में काफी समय से काम कर रहे हैं। इस फैसले से हमारे जैसे कई लोकल गाइड को रोजगार मिलेगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जो श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, उन्हें सही जानकारी मिल पाएगी। हमारा काम विदेशी लोगों को हमारी संस्कृति और सनातन धर्म से अवगत कराना है।
पर्यटन विभाग से प्रशिक्षित एक अन्य गाइड ने बताया, "हम अयोध्या में बीते पांच साल से काम कर रहे हैं। सरकार ने 10,000 प्रशिक्षित गाइड की तैनाती की घोषणा अच्छी है। 5 साल बाद ही सही, सरकार ने हमारे बारे में सोचा तो सही। जिस देश में 12 ज्योतिर्लिंग हैं, 51 शक्तिपीठ हैं और हजारों मंदिर हैं, वहां अगर गाइड को ट्रेंड करके उतारा जाए तो देश की अर्थव्यवस्था में भारी उछाल और लोकल लोगों के रोजगार में कोई कसर नहीं रह जाएगी।"