जम्मू, 1 फरवरी। जम्मू-कश्मीर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को बड़ी सफलता मिली है। एसीबी ने रियासी जिले के गुलाबगढ़ महोर स्थित बीडीओ कार्यालय में तकनीकी सहायक (टीए) के पद पर तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) राहुल गंडोत्रा को 8,000 रुपए की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
एसीबी ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत पुलिस स्टेशन एसीबी उधमपुर में एफआईआर नंबर 03/2026 दर्ज की। जानकारी के अनुसार, आरोपी राहुल गंडोत्रा ने एक शिकायतकर्ता से ग्रामीण विकास विभाग (आरडीडी) के कार्य से जुड़े बिल तैयार करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया और एसीबी से संपर्क कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शिकायत मिलने पर एसीबी ने गुप्त जांच शुरू की, जिसमें आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी की अगुवाई में एक ट्रैप टीम गठित की गई। ट्रैप टीम ने सफल जाल बिछाया और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को शिकायतकर्ता से 8,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
रिश्वत की राशि आरोपी के कब्जे से बरामद कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया गया। इसके अलावा, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जम्मू के रेहारी, वार्ड नंबर 24, हाउस नंबर 215 स्थित आरोपी के आवास की तलाशी भी ली गई। एसीबी ने बताया कि आरोपी राहुल गंडोत्रा के खिलाफ पुलिस स्टेशन एसीबी उधमपुर में पहले से ही तीन अन्य भ्रष्टाचार से संबंधित मामले दर्ज हैं, जिनकी जांच जारी है।
यह खुलासा आरोपी के बार-बार भ्रष्ट आचरण को दर्शाता है। एसीबी के इस ऑपरेशन को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का हिस्सा बताया जा रहा है। विभागीय स्तर पर ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ट्रैप टीमों का गठन और गुप्त जांच प्रभावी साबित हो रही है। शिकायतकर्ता को बिना रिश्वत दिए काम करवाने का अवसर मिला, जबकि आरोपी को कानून के दायरे में लाया गया।
यह घटना जम्मू-कश्मीर में सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी की समस्या को उजागर करती है, खासकर ग्रामीण विकास और निर्माण से जुड़े विभागों में। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगी जाए तो बिना डर के एसीबी से संपर्क करें। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
मामले की आगे की जांच जारी है। एसीबी टीम सबूतों को मजबूत करने और आरोपी के अन्य संभावित कृत्यों की पड़ताल कर रही है। इस गिरफ्तारी से विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।