बांग्लादेश चुनाव से पहले दहला सियासी माहौल, जमात कार्यकर्ताओं ने बीएनपी कार्यालय में जमकर की तोड़फोड़

बांग्लादेश में चुनाव से पहले बढ़ते अपराध, जमात कार्यकर्ताओं ने बीएनपी कार्यालय में की तोड़फोड़


ढाका, 1 फरवरी। बांग्लादेश में आम चुनावों से पहले बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच दिनाजपुर जिले के नवाबगंज उपजिला में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के एक चुनावी अभियान कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। स्थानीय मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी।

ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, यह घटना दिनाजपुर-6 संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत पुतिमारी यूनियन के डोलारदरगा इलाके में स्थित बीएनपी के चुनाव कार्यालय में हुई। इस संसदीय क्षेत्र में बीरमपुर, नवाबगंज, घोराघाट और हकीमपुर उपजिलाएं शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं ने कार्यालय पर हमला किया, कुर्सी-टेबल तोड़ दिए और बैनर व चुनाव प्रचार सामग्री फाड़ दी। घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद बीएनपी के दो कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट किए जाने की भी सूचना है।

नवाबगंज थाना प्रभारी (ओसी) नूर आलम सिद्दीकी ने मीडिया को बताया कि इससे पहले दिन में बीएनपी के स्थायी समिति सदस्य और सांसद पद के उम्मीदवार डॉ. एज़ेडएम ज़ाहिद हुसैन के समर्थकों ने पार्टी के चुनाव चिह्न ‘धान की बालियां’ के समर्थन में एक जुलूस निकाला था।

ओसी के अनुसार, मग़रिब की नमाज़ के बाद जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार अनवरुल इस्लाम के समर्थकों ने बीएनपी कार्यालय के पास सड़क किनारे एक चुनावी सभा शुरू की। इस दौरान प्रचार में इस्तेमाल किए जा रहे माइक्रोफोन की आवाज और उपयोग को लेकर दोनों पक्षों में बहस हो गई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि जमात कार्यकर्ताओं ने बीएनपी के दो कार्यकर्ताओं पर हमला किया और चुनाव कार्यालय में तोड़फोड़ की।

घटना के बाद सहायक रिटर्निंग अधिकारी और उपजिला निर्वाही अधिकारी जिलूर रहमान ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में सेना, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी), पुलिस और अंसार के जवानों को तैनात किया गया है।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले देशभर में चुनाव प्रचार तेज हो गया है और राजनीतिक टकराव बढ़ता जा रहा है।

इससे पहले इसी महीने चुनाव प्रचार शुरू होने के दौरान बीएनपी ने जमात-ए-इस्लामी को लेकर अप्रत्यक्ष चेतावनी दी थी और मतदाताओं से उन दलों का समर्थन न करने की अपील की थी, जिन पर 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना का सहयोग करने का आरोप है।

बीएनपी महासचिव मिर्ज़ा फ़ख़रुल इस्लाम आलमगीर ने ठाकुरगांव जिले के बीडी हाई स्कूल मैदान में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ये टिप्पणियां की थीं। वे ठाकुरगांव-1 सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। बांग्लादेश के प्रमुख अखबार ‘द डेली स्टार’ के अनुसार, उन्होंने कहा था, “जिन लोगों ने आखिरी समय तक पाकिस्तानी सेना का साथ दिया, वे आज देश पर शासन करने के लिए वोट मांग रहे हैं। उन्हें वोट देकर देश को बर्बाद न करें।”

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दिनाजपुर की यह घटना चुनाव प्रचार के दौरान बढ़ती अस्थिरता और प्रतिद्वंद्वी दलों के बीच तीखे टकराव को दर्शाती है।
 

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