बजट 2026-27: मैन्युफैक्चरिंग-निर्यात को बूस्ट, कई सेक्टर्स में कस्टम ड्यूटी में बड़ी राहत, बढ़ेगा रोजगार

बजट 2026-27 में मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी में बड़ी राहत


नई दिल्ली, 1 फरवरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने और निर्यात बढ़ाने के लिए कई सेक्टरों में कस्टम ड्यूटी कम करने का ऐलान किया। इनमें समुद्री उत्पाद, कपड़ा, चमड़ा, रक्षा और विमानन जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं।

समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के लिए सरकार ने सी-फूड प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाले कुछ इनपुट्स के ड्यूटी-फ्री आयात की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसे पिछले साल के निर्यात टर्नओवर के 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि अभी तक चमड़े या सिंथेटिक जूतों के निर्यात के लिए जो ड्यूटी-फ्री आयात की सुविधा मिलती थी, उसे अब जूतों के ऊपरी हिस्से (शू अपर) के निर्यात तक भी बढ़ाया जाएगा। इससे मजदूरों पर आधारित इन उद्योगों में रोजगार और आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।

चमड़ा, कपड़ा, सिंथेटिक जूते और अन्य चमड़ा उत्पादों के निर्यातकों को अब अंतिम उत्पाद भेजने के लिए 6 महीने की जगह 1 साल का समय दिया जाएगा।

लिथियम-आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले मशीनरी पर मिलने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम तक भी बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनट के आयात पर भी कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी।

बजट में नागरिक प्रशिक्षण विमानों और अन्य विमानों के निर्माण में लगने वाले पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रावधान किया गया है। रक्षा क्षेत्र यूनिट्स द्वारा विमानों की मरम्मत और रखरखाव के लिए आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी।

माइक्रोवेव ओवन बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ खास पुर्जों पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) से छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है।

वैश्विक व्यापार में रुकावटों के कारण स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) की कई फैक्ट्रियां पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने एक बार की राहत के तहत योग्य एसईजेड यूनिट्स को कम कस्टम ड्यूटी पर घरेलू बाजार में सामान बेचने की अनुमति देने का ऐलान किया है।

न्यूक्लियर पावर सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले सामानों के आयात पर कस्टम ड्यूटी से छूट को 2035 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही यह सुविधा अब सभी परमाणु संयंत्रों को मिलेगी, चाहे उनकी क्षमता कुछ भी हो।

देश में जरूरी खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की प्रोसेसिंग के लिए आयात की जाने वाली मशीनों पर भी कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि बायोगैस से मिले मूल्य को बायोगैस मिश्रित कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) पर लगने वाली केंद्रीय उत्पाद शुल्क की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।
 
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