नई दिल्ली, 1 फरवरी। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बिजनौर जिले के सहसपुर स्थित यूपी ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक निजी व्यक्ति (कैजुअल वर्कर) को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से 45 हजार रुपये की अवैध रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में रंगे हाथों दबोचा गया।
सीबीआई की ओर से रविवार को जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस मामले में 31 जनवरी 2026 को एक शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता की पत्नी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत 5 लाख रुपए के ऋण के लिए यूपी ग्रामीण बैंक, सहसपुर, बिजनौर में आवेदन किया था। आरोप है कि बैंक के फील्ड ऑफिसर ने ऋण स्वीकृत करने के बदले शिकायतकर्ता से पहले 40 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। बाद में यह मांग बढ़ाकर 45 हजार रुपए कर दी गई। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
जांच में सामने आया कि फील्ड ऑफिसर यह अवैध राशि शाखा प्रबंधक के साथ आपसी साजिश के तहत मांग रहा था। योजना के तहत सीबीआई की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें शाखा प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर और एक निजी व्यक्ति को शिकायतकर्ता से 45 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।
इससे पहले, सीबीआई ने रांची के रक्षा भूमि इकाई में काम करने वाले एक हवलदार और एक निजी व्यक्ति को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। यह रिश्वत एक शिकायतकर्ता से उस जमीन पर निर्माण कार्य करने की अनुमति देने के बदले में ली गई थी, जिसे आर्मी की जमीन बताया जा रहा था। सीबीआई ने हवलदार मुकेश कुमार राय के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप था कि उसने शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी ताकि उसे आर्मी की जमीन पर निर्माण कार्य करने की अनुमति दी जा सके।