नई दिल्ली, 1 फरवरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट पेश किया और इस दौरान उन्होंने शेयर बाजार में सट्टेबाजी को कम करने के लिए फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाने का ऐलान किया।
बजट 2026 में फ्यूचर्स पर एसटीटी को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। ऑप्शंस पर अब एसटीटी बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया गया है।
इसके अलावा, सरकार ने बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर सभी प्रकार के शेयरधारकों को होने वाले फायदे को कैपिटन गेन में लाने का प्रस्ताव रखा है। इससे अब बायबैक से होने वाली आय पर अधिक टैक्स लगेगा।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने शेयर बायबैक पर लगने वाले टैक्स पर कहा कि नए संरचना के अंतर्गत कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर प्रभावी रूप से 22 प्रतिशत का टैक्स लगेगा और नॉन-कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर बायबैक लेनदेन के लिए 30 प्रतिशत का टैक्स लगेगा।
इस कदम का उद्देश्य कराधान को सुव्यवस्थित करना, शेयरधारक वर्गों के बीच अंतर को कम करना और बायबैक से संबंधित आय के लिए अधिक समान और पारदर्शी टैक्स व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
हालांकि, इस बजट में सरकार की ओर से एलटीसीजी और एसटीसीजी को लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया है।
इस ऐलान के बाद स्टॉक मार्केट से जुड़े शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। दोपहर एक बजे तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का शेयर 10.50 प्रतिशत, सीडीएसएल का शेयर 5.27 प्रतिशत, ब्रोकरेज फर्म एंजेल वन का शेयर 11 प्रतिशत, ग्रो का शेयर 7.25 प्रतिशत और एचडीएफसी एएमसी का शेयर 3.82 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
शेयर बाजार में भी कमजोरी देखी जा रही है। सेंसेक्स 913 अंक या 1.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 81,356 और निफ्टी 284 अंक या 1.10 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,043 पर था।