चंडीगढ़, 1 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को रविदास जयंती के अवसर पर पंजाब के डेरा सचखंड बल्लां आएंगे। उनके आगमन को लेकर पंजाब के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि बजट पेश करने के दिन गुरु रविदास जी को नमन करना पीएम की सामाजिक समानता और भेदभाव हटाने वाली शिक्षाओं के प्रति प्रतिबद्धता दिखाता है।
सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बजट प्रस्तुतिकरण के दिन डेरा बल्लां आकर गुरु रविदास जी को नमन करना यह दर्शाता है कि एक सच्चा नेता जानता है कि यदि गुरु रविदास जी की पूर्ण समानता, भेदभाव और सामाजिक ऊंच-नीच को समाप्त करने वाली शिक्षाओं का प्रसार न हो, तो किसी भी राष्ट्र की प्रगति केवल जीडीपी के आंकड़ों से नहीं आंकी जा सकती।"
उन्होंने आगे कहा, "पीएम मोदी का आज का यह दौरा पंजाब के समग्र विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें वे लोगों के कल्याण और सामाजिक उत्थान को प्राथमिकता देते हैं तथा प्रत्येक मानव में निहित अच्छाई को पहचानते हैं जो वास्तव में 'पंजाबियत' की भावना को प्रतिबिंबित करता है।"
इसके साथ ही उन्होंने ने पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को लेकर एक पोस्टर भी शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि हम अक्सर एक मजबूत देश बनाने की बात करते हैं: स्मार्ट शहर, तेज सड़कें, बड़ी इंडस्ट्रीज। लेकिन ताकत सिर्फ कंक्रीट के ढांचों में नहीं होती। यह उन जिंदगियों में भी होती है जो खामोशी से फलती-फूलती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी तरक्की के किनारों पर ऐसे जीव हैं जिन्होंने जीने के लिए इज़ाज़त नहीं मांगी, बस रहने के लिए जगह मांगी। वे हमारे घरों के पास बड़े होते हैं, हमारी आदतें सीखते हैं, हमारी रातों की रखवाली करते हैं, और हमारी सहूलियत के पीछे कहीं खो जाते हैं। इसलिए नहीं कि वे दिखते नहीं, बल्कि इसलिए कि हमने उन्हें देखना बंद कर दिया है।
उन्होंने आगे लिखा कि हम इंसानियत की मिसालें ढूंढने के लिए पूरी दुनिया में खोजते हैं, यह भूल जाते हैं कि हमदर्दी हमेशा हमारे अंदर थी; हम बस उससे दूर हो गए। किसी देश को सिर्फ़ इसलिए याद नहीं किया जाता कि वह क्या बनाता है, बल्कि इसलिए भी कि वह किसे नहीं छोड़ता। सिर्फ़ उसकी इकॉनमी के लिए नहीं, बल्कि उसकी जमीर के लिए।
उन्होंने आगे लिखा कि सही विकास सिर्फ विस्तार नहीं है। यह सबको साथ लेकर चलना है। और दयालुता ऐसी चीज नहीं है जिसे हमें बाहर से लाना पड़े, बस याद रखने की जरूरत है।