फोन टैपिंग महाकांड में पूर्व सीएम केसीआर की बारी, आज एसआईटी कर सकती है पूछताछ

फोन टैपिंग मामले में पूर्व सीएम केसीआर से पूछताछ कर सकती है एसआईटी


हैदराबाद, 1 फरवरी। तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) से फोन टैपिंग मामले में रविवार को एसआईटी पूछताछ कर सकती है। यह मामला बीआरएस सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर विपक्षी दलों के नेताओं, व्यापारियों, पत्रकारों और जजों समेत कई लोगों के फोन टैप करने से जुड़ा है।

जानकारी के सामने आई कि बीआरएस प्रमुख से रविवार को दोपहर लगभग 3 बजे बंजारा हिल्स के नंदी नगर स्थित उनके आवास पर एसआईटी के अधिकारी पूछताछ कर सकते हैं। इससे पहले, रविवार सुबह केसीआर हैदराबाद में अपने आवास पर पहुंचे।

एसआईटी ने शुक्रवार को केसीआर को पूछताछ के लिए बुलाया था। पूर्व मुख्यमंत्री से हैदराबाद में किसी भी जगह मौजूद रहने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने एसआईटी को कोई और तारीख तय करने के लिए कहा। बीआरएस प्रमुख ने सिद्दीपेट जिले के एर्रावल्ली गांव में अपने आवास पर पूछताछ करने का भी अनुरोध किया था। हालांकि, एसआईटी ने उनके अनुरोध को खारिज कर दिया और 30 जनवरी की रात को हैदराबाद में उनके घर पर एक नया नोटिस चस्पा किया था।

बीआरएस नेता ने एसआईटी को दिए अपने जवाब में कहा कि वह रविवार को दोपहर 3 बजे बंजारा हिल्स के नंदी नगर स्थित अपने आवास पर एसआईटी की पूछताछ के लिए मौजूद रहेंगे।

केसीआर ने यह भी कहा कि जिस तरह से एसआईटी ने उन्हें दूसरा नोटिस भेजा है, वह कानूनी जांच में खरा नहीं उतरेगा। उन्होंने कहा कि अपने घर की दीवार पर नोटिस चिपकाना कानून की नजर में कोई नोटिस नहीं है।

एसआईटी की पूछताछ से पहले एहतियात के तौर पर पुलिस ने केसीआर के घर के आसपास सुरक्षा कड़ी की है। घर के पास भीड़ इकट्ठा न हो, इसलिए रास्ते में बैरिकेडिंग की गई है। घर में सिर्फ केसीआर के परिवार के सदस्यों को ही जाने दिया जा रहा था।

बीआरएस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केसीआर के नंदी नगर स्थित घर पर इकट्ठा होकर एकजुटता दिखाने की योजना बनाई थी। उनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक बदले की भावना से उनसे पूछताछ कर रही है।

बीआरएस कार्यकर्ताओं की ओर से पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन की योजना को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया है।

डीजीपी कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि बीआरएस कार्यकर्ता राज्य के सभी गांवों, मंडलों और जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर सकते हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि आने वाले नगर निगम चुनावों को देखते हुए बीआरएस कार्यकर्ता कानून व्यवस्था की समस्या पैदा करने के लिए इस मुद्दे को बढ़ा सकते हैं।
 

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