'विकसित भारत' के संकल्प संग नया इतिहास, भाजपा सरकार रविवार को तोड़ रही बजट की पुरानी परंपराएं और रिकॉर्ड

बदलती परंपराएं और टूटते रिकॉर्ड, 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ नया इतिहास लिख रही भाजपा सरकार


नई दिल्ली, 1 फरवरी। भारत के इतिहास में पहली बार देश का आम बजट रविवार के दिन पेश हो रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को संसद के चल रहे बजट सत्र के हिस्से के रूप में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं।

सरकार अपने बजट और आर्थिक नीतियों के माध्यम से 2047 तक देश को विकसित बनाने के लक्ष्य पर तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे में यह देश की जनता के लिए बड़ी घोषणाओं के साथ 'विकसित भारत' के सपनों को साकार करने वाला बजट हो सकता है। हालांकि, बजट के साथ कुछ परंपराएं और नए रिकॉर्ड भाजपा सरकार में बने हैं, उसका उदाहरण इस बार भी देखा जा सकता है।

इस साल 1 फरवरी को रविवार पड़ने के बावजूद केंद्रीय बजट तय कार्यक्रम के अनुसार संसद में पेश किया जाएगा। बजट के महत्व को देखते हुए मुंबई स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, जो आमतौर पर रविवार को बंद रहते हैं, वे भी आज खुले रहेंगे।

खास बात यह है कि वित्त मंत्री सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करके इतिहास रचेंगी, जो भारत के संसदीय इतिहास में एक दुर्लभ उपलब्धि है। एक रिकॉर्ड यह भी है कि यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का 15वां बजट है। साल 2024 में एनडीए की तीसरी बार सत्ता में वापसी के बाद यह दूसरा पूर्ण बजट भी है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 75 साल पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए अपने बजट भाषण के भाग-बी का उपयोग कर सकती हैं। परंपरागत रूप से मुख्य घोषणाएं और व्यापक आर्थिक विवरण भाग-ए में पेश किए जाते रहे हैं, जबकि भाग-बी मुख्य रूप से कर प्रस्तावों और नीतिगत परिवर्तनों पर केंद्रित रहा है। हालांकि इस बार संभावनाएं हैं कि भाग-बी केंद्र में रहेगा।

भाजपा सरकार ने बजट को लेकर जिन परंपराओं को बदला है, उसमें बजट का समय और तारीख भी शामिल है।

आजादी के पहले और आजादी के बाद भी परंपरागत रूप से बजट फरवरी के आखिरी दिन शाम 5 बजे पेश किया जाता था। यह समय एक औपनिवेशिक काल की प्रथा का पालन करता था, जब घोषणाएं लंदन और भारत में एक ही समय पर की जा सकती थीं। भारत ब्रिटिश टाइम से 4 घंटे और 30 मिनट आगे है। 1999 में समय बदल दिया गया, जब तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सुबह 11 बजे बजट पेश किया। तब से बजट सुबह 11 बजे पेश किए जाते हैं।

2017 में बजट पेश करने की तारीख बदलकर 1 फरवरी कर दी गई, ताकि सरकार मार्च के अंत तक संसदीय अनुमोदन प्रक्रिया पूरी कर सके और 1 अप्रैल को वित्तीय वर्ष की शुरुआत से बजट को लागू किया जा सके। इससे पहले, बजट पेश करने की तारीख 28 फरवरी हुआ करती थी।
 

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