पटना, 31 जनवरी। केंद्रीय बजट पेश होने से पहले बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से की गई है। राजद नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि जब तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक बिहार अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता है।
पटना में राजद नेता शक्ति सिंह यादव ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौवीं बार बजट पेश कर रही हैं। सवाल यह है कि बिहार को क्या मिला? इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट ने सबकी आंखें खोल दी हैं। बिहार की खराब हालत हर किसी को गंभीरता से सोचने पर मजबूर करती है कि हम कहां खड़े हैं, बिहार कहां खड़ा है, और बिहार के लोग कहां खड़े हैं। बिहार शिक्षा और स्वास्थ्य में नीचे है। बिहार को अपने पैर पर खड़ा रहने के लिए विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। डबल इंजन की सरकार को बताना होगा कि बिहार का विकास कहां हो रहा है। हम लोगों को मानना है कि केंद्र की सरकार गंभीरता दिखाए और विकसित बिहार बनाने के लिए विशेष राज्य का दर्जा दे।
उन्होंने कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति आय प्रतिदिन मात्र 150 से 190 रुपए है, जो देश में सबसे निचले पायदान पर है। नीतीश कुमार बताएं कि पिछले 20 वर्षों में कैसा विकास हुआ? शिक्षा और स्वास्थ्य में हम सबसे नीचे हैं और पलायन में सबसे अव्वल। ई-श्रम पोर्टल के आंकड़े गवाह हैं कि लगभग 2 करोड़ 90 लाख बिहारी दूसरे राज्यों में दिहाड़ी मजदूरी करने को मजबूर हैं।
राजद नेता शक्ति सिंह यादव ने नीट छात्रा की हत्या मामले में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के एक्स पोस्ट पर पलटवार किया। सम्राट चौधरी ने एक्स पोस्ट में बताया था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से पटना में हुई नीट छात्रा की हत्या के मामले (कांड संख्या- 14/26) को सीबीआई से जांच का आग्रह किया है। घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन निश्चित किया जाए।
शक्ति सिंह यादव ने कहा कि नीट छात्रा से जुड़े रेप केस में अब एक नया मोड़ आया है। राज्य सरकार के खुद के गृह मंत्री ने ट्वीट करके बताया है कि जांच सीबीआई करेगी। यह हैरानी की बात है कि सीबीआई की हालत ऐसी हो गई है कि पीड़ित परिवार को भी उस पर भरोसा नहीं है। अगर परिवार को भरोसा नहीं है तो केस सीबीआई को क्यों सौंपा जा रहा है? परिजन सिटिंग जज की निगरानी में न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस के बयान भी एक दूसरे से मेल नहीं खाते हैं। पूरा पुलिस प्रशासन कटघरे में है।