बीजापुर के नक्सल गढ़ में सुरक्षा कैंप से विकास की बही गंगा, नक्सलियों पर शिकंजा, ग्रामीणों को मिली राहत

बीजापुर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नए सुरक्षा कैंप की स्थापना से विकास और सुरक्षा को मिलेगी नई गति


बीजापुर (छत्तीसगढ़), 31 जनवरी (आईएएनएस)। बीजापुर के नक्सल प्रभावित थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम मुक्‍कावेली में 29 जनवरी को एक नई सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना सफलतापूर्वक की गई। यह कैम्प डीआरजी, जिला बल और छत्तीसगढ़ विशेष सुरक्षा बल 19वीं वाहिनी की संयुक्त टीमों द्वारा स्थापित किया गया है। इस कदम से क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

जिले में 2024 से अब तक कुल 32 नई सुरक्षा कैम्पों की स्थापना हो चुकी है। दुर्गम जंगलों, कठिन रास्तों और कड़ाके की ठंड के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस और उच्च मनोबल के साथ यह उपलब्धि हासिल की है। यह न केवल नक्सल विरोधी अभियानों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र में विकास कार्यों को भी नई गति देगा।

यह कैम्प भोपालपटनम से फरसेगढ़, सेण्ड्रा और गढ़चिरौली को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में नेशनल पार्क क्षेत्र के सुदूर गांवों को सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा जा सकेगा। इससे लोगों की आवाजाही आसान होगी और प्रशासनिक पहुंच बढ़ेगी।

नए कैम्प की स्थापना से स्थानीय ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), मोबाइल नेटवर्क, सड़क और पुल-पुलिया जैसी जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण होगा और क्षेत्र में स्थायी शांति तथा विश्वास का माहौल बनेगा।

बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिली है। 2024 से अब तक 876 माओवादियों ने पुनर्वास लिया है, 229 मुठभेड़ों में मारे गए हैं, और 1151 को गिरफ्तार किया गया है। ये आंकड़े सुरक्षा बलों की निरंतर मेहनत और प्रभावी रणनीति को दर्शाते हैं।

इस कैम्प की स्थापना बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना, मनोज तिर्की, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी अमन लखीसरानी और उप पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ सिंह चौहान की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ शासन की 'नियद नेल्ला नार' योजना के तहत हुई।

नए कैम्प से माओवादियों की गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आएगी और आसपास के गांवों में सड़क, पुल, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीडीएस दुकानें और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं पहुंचेंगी। स्थानीय लोगों में उत्साह और विश्वास बढ़ा है।

'नियद नेल्ला नार' योजना के तहत सुदूर क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल टावर और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह कैम्प स्थापना नक्सल उन्मूलन और विकास के समन्वय का एक मजबूत उदाहरण है। बीजापुर जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों के प्रयासों से क्षेत्र में शांति और प्रगति की राह और मजबूत हो रही है।
 

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