पटना, 31 जनवरी। राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नीट छात्रा से रेप और हत्या के मामले को सीबीआई को सौंपने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को सुलझाने की बजाय सीबीआई को दे रही है, जो बिहार के प्रशासनिक तंत्र की भ्रष्टाचार, अक्षमता और गैर-पेशेवर रवैये को साबित करता है।
तेजस्वी ने इस फैसले को पुलिस की नहीं, बल्कि एनडीए सरकार की विफलता बताया, जहां मंत्री और मुख्यमंत्री अपराधियों को पकड़ने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन हकीकत में कुछ नहीं होता।
तेजस्वी ने कहा कि बिहार सरकार ने फिर साबित कर दिया कि उसका प्रशासनिक ढांचा इतना कमजोर है कि दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर मामले को भी खुद सुलझा नहीं सकता। उन्होंने नवरुणा कांड का जिक्र करते हुए कहा कि सीबीआई ने कई मामलों में 12-13 साल तक जांच की, लेकिन आरोपी नहीं पकड़े गए और जांच बंद कर दी गई। उन्होंने आशंका जताई कि इस छात्रा के मामले में भी यही होगा। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि चुनावों में जंगलराज का शोर मचाने वाले अब कहां हैं? बिहार की खराब कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन लेगा?
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार फिर से हेडलाइन मैनेजमेंट के जरिए लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर सकती है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अपराध बढ़ रहे हैं और सरकार के नेता सिर्फ बड़ी बातें करते हैं, लेकिन अपराधियों को संरक्षण मिलता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सरकार की नाकामी पर सवाल उठाएं और सुरक्षित बिहार बनाने के लिए आवाज बुलंद करें।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब नीट छात्रा का मामला सुर्खियों में है। पुलिस की शुरुआती जांच में कई कमियां सामने आईं, जिसके बाद सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। विपक्ष इसे सरकार की कमजोरी बता रहा है, जबकि सत्ताधारी दल का कहना है कि सीबीआई से निष्पक्ष जांच होगी। तेजस्वी के इस बयान से राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। बिहार में कानून व्यवस्था पर सवाल उठते रहते हैं और ऐसे मामलों से सरकार की छवि प्रभावित हो रही है। तेजस्वी ने कहा कि जनता अब जागरूक हो रही है और सरकार को जवाब देना होगा।