बीएलए ने छेड़ा 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0', पूरे बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर भीषण हमले, भड़का निर्णायक प्रतिरोध

बीएलए का 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0,' बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर किया हमला


क्वेटा, 31 जनवरी। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने शनिवार को पूरे बलूचिस्तान में 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' को अंजाम दिया। इसके बाद प्रांत के कई जिलों से पाकिस्तानी मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाकर हथियारबंद झड़पें, धमाके और हमले हुए। यह रिपोर्ट स्थानीय मीडिया ने दी।

बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने इसे निर्णायक प्रतिरोध की घोषणा बताते हुए कहा कि यह नया चरण कब्जा करने वाले राज्य और उसके सभी सैन्य और प्रशासनिक ढांचों के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि बलूच लड़ाकों के साथ खड़े होकर बलूचिस्तान के लोग हर शहर, गली और मोहल्ले में दुश्मन को हरा देंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस ऑपरेशन का मकसद यह दिखाना है कि बलूचिस्तान में कब्जा करने वाले के लिए कोई जगह नहीं है।

बलूचिस्तान पोस्ट ने निवासियों और स्थानीय सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि प्रांत के कई क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति बहुत तनावपूर्ण बनी हुई है, जिसमें क्वेटा, नुश्की, कलात, मस्तंग, दलबांदिन, खारान, ग्वादर, पसनी, टंप, बुलेदा और धदार शामिल हैं। पाकिस्तानी पुलिस और सैन्य ठिकानों पर भारी गोलीबारी, विस्फोट और हमलों की खबरें हैं।

इस बीच, लोगों ने क्वेटा के कई इलाकों में गोलीबारी और विस्फोटों की सूचना दी, जिसमें अत्यधिक संवेदनशील रेड जोन भी शामिल है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हथियारबंद लोगों ने क्वेटा में सरयाब रोड पर एक पाकिस्तानी पुलिस मोबाइल वैन पर हमला किया, जिसमें दो कर्मियों की मौत हो गई और वाहन में आग लगा दी गई। रेलवे स्टेशन की दिशा से गोलीबारी की भी खबर है।

मीडिया आउटलेट्स को भेजे गए एक नए बयान में बीएलए ने कहा कि 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' के दौरान उसने प्रांत के 10 शहरों में एक साथ हमले किए हैं।

जीयांद बलूच के अनुसार, ग्रुप ने 'सैन्य और प्रशासनिक ढांचों' पर हमला किया था, दुश्मनों की आवाजाही को बाधित किया था, और कई क्षेत्रों में पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे धकेल दिया था।

बयान में आगे कहा गया है कि फिदायीन अटैक ने क्वेटा, पसनी, ग्वादर, नोश्की और दलबांदिन में पाकिस्तानी सेना और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के कैंपों को निशाना बनाया, यह दावा करते हुए कि ग्रुप की मजीद ब्रिगेड 'सफलतापूर्वक सेना कैंपों में घुस गई थी और उनके बड़े हिस्सों पर कब्जा कर लिया था।

बीएलए ने दावा किया कि अब तक दर्जनों पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को बेअसर कर दिया गया है और कहा कि जल्द ही मीडिया के साथ और विवरण साझा किए जाएंगे। बीएलए के मीडिया विंग द्वारा जारी एक अलग संदेश में, ग्रुप के कमांडर-इन-चीफ बशीर जेब बलूच ने बलूचिस्तान के लोगों से अपने घरों से बाहर निकलने और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया।

द बलूचिस्तान पोस्ट ने बशीर के हवाले से कहा, "यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना का है। जब कोई राष्ट्र एकजुट होकर खड़ा होता है, तो दुश्मन अपनी शक्ति के बावजूद हार से बच नहीं सकता। बलूच राष्ट्र से आग्रह है कि वे बाहर निकलें और ऑपरेशन हेरोफ का हिस्सा बनें।"

बलूचिस्तान के लोग इस समय पाकिस्तान से अपनी आजादी के लिए लड़ रहे हैं।

बलूचिस्तान के विभिन्न मानवाधिकार संगठनों ने प्रांत में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे दमन को समय-समय पर उजागर किया है, जिसमें बलूच नेताओं और नागरिकों के घरों पर हिंसक छापे, गैर-कानूनी गिरफ्तारियां, जबरन गायब करना, 'मारो और फेंको' की नीति, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के अध्यादेश के तहत हिरासत में लेना और मनगढ़ंत पुलिस केस दर्ज करना शामिल है।
 
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