भोपाल 31 जनवरी। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बड़े सवाल उठाए हैं और कहा कि नई मतदाता सूची के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। भोपाल में ही ढाई से तीन लाख मतदाताओं के नाम काटे हैं।
कांग्रेस लगातार एसआईआर को लेकर हमलावर है और चुनाव आयोग के साथ भाजपा को भी घेर रही है। नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि भोपाल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत ढाई से तीन लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने की आशंका अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। उनका आरोप है कि बिना पारदर्शिता, बिना जवाबदेही और बिना व्यापक सूचना के मतदाता सूची में इस तरह की छेड़छाड़ लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
उन्होंने पूछा, "आखिर किस आधार पर और किसके निर्देशों पर इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है? यह भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत का परिणाम है। कांग्रेस पार्टी हर वैध मतदाता के अधिकार की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक सवाल उठाएगी।"
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने नाम काटे जाने को लेकर थानों में शिकायत दर्ज कराना शुरू कर दिया है। इंदौर के राजेंद्र नगर में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शिकायत दर्ज कराई। पटवारी का कहना है कि मैं स्वयं कांग्रेस की ओर से एक बूथ का बीएलए हूं और अपने ही बूथ पर एसआईआर के नाम पर की जा रही गड़बड़ियों का प्रत्यक्ष साक्षी हूं। भाजपा के इशारे पर अगर कोई बीएलओ या अधिकारी मतदाता सूची में गड़बड़ी करता है, तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर फॉर्म-7 के माध्यम से किसी मतदाता का नाम कटवाने की आपत्ति दर्ज करता है, तो उसके लिए एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। पटवारी ने आरोप लगाया कि मेरी विधानसभा राऊ में सरकारी बीएलओ और भारतीय जनता पार्टी के बीएलए की साठगांठ से फॉर्म-7 के जरिए कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम जानबूझकर काटे जा रहे हैं। यह एक गंभीर और दंडनीय अपराध है।