दशक भर बाद भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली में, रिश्तों को मिलेगा नया आयाम

एक दशक बाद भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक का आज


नई दिल्ली, 31 जनवरी। भारत की राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक (आईएएफएमएम) का आयोजन कर रहा है। इस मौके पर ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री और विदेश राज्य मंत्री का आगमन दिल्ली में हुआ।

ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार दूसरे आईएएफएमएम में शामिल होने के लिए शनिवार को दिल्ली पहुंचे। यूएई के नेता का स्वागत करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "उनकी यात्रा भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।"

इसके अलावा, एमईए ने ओमान के विदेश मंत्री का स्वागत करते हुए एक्स पर लिखा, “उनकी यात्रा भारत और ओमान के बीच कई तरह की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।”

शुक्रवार को लीबिया के विदेश मंत्री एल्ताहर एस एम एलबौर, सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दिसलाम अली और कतर के विदेश राज्य मंत्री सुल्तान बिन साद अल मुरैखी दूसरे आईएएफएमएम में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे।

इस उच्च स्तरीय बैठक की सहअध्यक्षता भारत और यूएई करेंगे और इसमें अरब लीग के सभी 22 सदस्य देशों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि अरब लीग के प्रमुख के साथ शामिल होंगे।

एमईए के अनुसार यह बैठक लगभग एक दशक के लंबे समय के बाद हो रही है। इससे पहले भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक 2016 में बहरीन में हुई थी। एमईए ने अपनी आधिकारिक रिलीज में कहा, "दूसरी भारत-अरब एफएमएम से हमारे मौजूदा सहयोग को और आगे बढ़ाने, इस साझेदारी को बढ़ाने और गहरा करने की उम्मीद है।"

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक भारत और अरब राज्यों की लीग (एलएएस) के बीच सहयोग को दिशा दिखाने वाली सबसे बड़ी संस्थागत प्रणाली है। मार्च 2002 में भारत और अरब लीग के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ था, जिसके बाद बातचीत का फ्रेमवर्क औपचारिक हुआ था।
 

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