भुवनेश्वर, 30 जनवरी। ओडिशा विधानसभा का आगामी बजट सत्र 17 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसकी औपचारिक शुरुआत राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति के अभिभाषण से होगी।
विधानसभा सूत्रों के अनुसार, यह 17वीं ओडिशा विधानसभा का छठा सत्र होगा, जो 8 अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा और इसमें कुल 28 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं।
सत्र के दौरान राज्य की वित्तीय दिशा, विकास योजनाओं और राजनीतिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, 17 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन में उनके संबोधन पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी, जो 19 फरवरी तक चलेगी। इसके बाद 20 फरवरी को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश करेंगे।
माझी के पास वित्त विभाग का भी प्रभार है। यह बजट न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
विधानसभा सूत्रों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर आधारित विनियोग विधेयक 31 मार्च को सदन में पेश किया जाएगा और उस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों के आगामी चुनावों को देखते हुए यह बजट विशेष महत्व रखेगा। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मतदाताओं को साधने के लिए कई नई और लोकलुभावन योजनाओं व कार्यक्रमों की घोषणा कर सकती है।
आगामी बजट सत्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी दलों बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के बीच तीखी बहस होने की पूरी संभावना है।
विपक्षी दल सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहे हैं। इनमें धान की खरीद में कथित कुप्रबंधन, राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्रों के नाम पर वाहन मालिकों से कथित धोखाधड़ी और स्मार्ट बिजली मीटरों की स्थापना से जुड़े विवाद जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि ओडिशा विधानसभा के इतिहास में हाल ही में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण तब देखने को मिला था, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 27 नवंबर, 2025 को 17वीं ओडिशा विधानसभा के पिछले सत्र के दौरान सदन को संबोधित किया था।