गुजरात पुलिस भर्ती में तकनीक का कमाल! 50 हजार से ज्यादा उम्मीदवार हुए पास, पारदर्शिता-निष्पक्षता का नया दौर

आरएफआईडी और बायोमेट्रिक की मदद से हो रही गुजरात पुलिस भर्ती, शारीरिक परीक्षा में 50 हजार अभ्यर्थी पास


गांधीनगर, 30 जनवरी। गुजरात पुलिस भर्ती अभियान में 50,000 से अधिक उम्मीदवारों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली है।

गुजरात पुलिस भर्ती बोर्ड (जीपीआरबी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 22 जनवरी से 29 जनवरी के बीच कुल 1,87,874 उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षा के लिए बुलाया गया था। इनमें से 1,16,075 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए और 50,383 उत्तीर्ण हुए। यह भर्ती पीएसआई और लोक रक्षक (एलआरडी) कैडरों में 13,591 रिक्तियों के लिए आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्यभर से 10 लाख से अधिक उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

जीपीआरबी की अध्यक्ष नीरजा गोटरू ने कहा कि इस प्रक्रिया को टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता, सटीकता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है।यह भर्ती अभियान न केवल बड़े पैमाने पर है, बल्कि इसे पूरी तरह से पारदर्शी और त्रुटि मुक्त प्रक्रिया के रूप में संरचित किया गया है, जहां उम्मीदवारों का चयन विशुद्ध रूप से योग्यता और प्रयास के आधार पर किया जाता है।

शारीरिक दक्षता परीक्षण गुजरात के 15 नामित शहरों और राज्य रिजर्व पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में आयोजित किए जा रहे हैं।

पुरुष उम्मीदवारों के लिए परीक्षाएं 11 मैदानों पर चल रही हैं और 13 मार्च तक जारी रहेंगी, जबकि महिलाओं और पूर्व सैनिकों के लिए परीक्षाएं चार मैदानों पर 6 मार्च तक आयोजित की जा रही हैं।

सभी परीक्षण स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में किए जाते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि त्रुटियों या अनुचित व्यवहार को रोकने के लिए हर स्तर पर उन्नत तकनीकी प्रणालियां लागू की गई हैं। दौड़ प्रतियोगिताओं के दौरान प्रतिभागियों के पैरों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) चिप्स लगाई जाती हैं ताकि समय को सेकेंड-स्तर की सटीकता के साथ स्वचालित रूप से रिकॉर्ड किया जा सके।

उंगलियों के निशान और चेहरे की पहचान का उपयोग करके बायोमेट्रिक सत्यापन कई चरणों में अनिवार्य है, जबकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी सीसीटीवी के माध्यम से की जाती है। कद और छाती के माप को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड किया जाता है और उम्मीदवारों को स्क्रीन पर माप के फोटोग्राफिक साक्ष्य दिखाए जाते हैं।

उन्‍होंने बताया कि माप या प्रक्रियाओं से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए प्रत्येक मैदान पर एक ऑन-साइट अपील बोर्ड भी स्थापित किया गया है। इस बोर्ड में एसपी रैंक के अधिकारी और चिकित्सा अधिकारी सहित चार सदस्य होते हैं और यह वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पुनः सत्यापन करता है।

गोटरू ने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि दूरदराज के क्षेत्रों के उम्मीदवारों सहित सभी उम्मीदवार प्रणाली की निष्पक्षता पर पूर्ण विश्वास के साथ भाग ले सकें।

उन्होंने आगे बताया कि सभी परीक्षण केंद्रों की वास्तविक समय में निगरानी के लिए गांधीनगर में एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।

उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आयोजन स्थलों पर पीने का पानी, ओआरएस, चिकित्सा दल और 108 एम्बुलेंस सेवाओं जैसी व्यवस्थाएं प्रदान की गई हैं। शारीरिक परीक्षण के परिणाम डिजिटल प्रणाली के माध्यम से मौके पर ही उपलब्ध करा दिए जाते हैं।

सुरक्षा और पर्यवेक्षण के लिए, प्रत्येक परीक्षण स्थल की देखरेख डीआईजीपी या एसपी रैंक के अधिकारी द्वारा की जाती है, जिन्हें 90 से अधिक पुलिस कर्मियों का सहयोग प्राप्त होता है, जबकि डीआईजीपी और आईजीपी स्तर के अधिकारियों को समग्र पर्यवेक्षण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
 

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