आत्मनिर्भर गुजरात की ओर बढ़ते कदम: CM पटेल ने 2666 गांवों को दी आधुनिक पंचायत घरों की सौगात

गुजरात में 2666 गांवों को मिलेगा अपना ग्राम पंचायत घर: सीएम भूपेंद्र पटेल


गांधीनगर, 30 जनवरी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को आणंद के भादरण में आयोजित समारोह से राज्य की 2666 ग्राम पंचायतों के लिए उनके अपने ग्राम पंचायत घर-सह-पटवारी आवासों का एक साथ एक ही स्थान से ई-शिलान्यास करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के लिए गांवों के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जो फोकस किया है, उसमें गुजरात अग्रसर रहने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस संदर्भ में पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति का दिया गया सेचुरेशन अप्रोच गुजरात में साकार करने के लिए राज्य सरकार ने आगामी दिनों में राज्य की सभी ग्राम पंचायतों को उनके अपने पंचायत घर-सह-पटवारी आवास देने का महत्वाकांक्षी निर्णय किया है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन 2666 गांवों में कुल 663 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ग्राम पंचायत घर-सह-पटवारी आवासों के परिणामस्वरूप ग्रामीण नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।

उन्होंने इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण गृह निर्माण मंत्री ऋषिकेशभाई पटेल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमणभाई सोलंकी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री संजयसिंह महिडा और अन्य महानुभावों की उपस्थिति में ‘मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना’ की राज्यव्यापी लॉन्चिंग भी की।

भूपेंद्र पटेल ने कहा कि राज्य के 114 तहसील मुख्यालयों वाले ऐसे गांव, जो तहसील मुख्यालय हैं लेकिन नगर पालिका नहीं हैं, को ‘मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना’ के प्रथम चरण में शामिल कर रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर, पानी, स्वच्छता, सोलर स्ट्रीट लाइट, ई-ग्राम, कम्युनिटी हॉल जैसी शहरी समकक्ष आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि शहरों पर बोझ कम हो और शहरों जैसी सुविधाएं गांवों में मिलें, इस उद्देश्य से आगामी समय में राज्य की 10 हजार से अधिक जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को ‘मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना’ के अंतर्गत लाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण और शहरी विकास के बीच का अंतर कम होगा तथा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का प्रधानमंत्री का मंत्र समग्र एवं संतुलित विकास के रूप में साकार होगा।

मुख्यमंत्री ने विकास की राजनीति को गति देने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विजनरी लीडरशिप का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास का स्केल और स्पीड बढ़े हैं। शहरों में बढ़ते शहरीकरण के दबाव को संतुलित करने के लिए ग्रामीण विकास को केंद्र में रखकर विशेष आयोजन किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के उत्थान के लिए केंद्रित ऐसा कार्यक्रम राज्य में पहली बार आयोजित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत वर्षा जल संचय और भूमिगत जल रिचार्ज के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। हर विधायक को 50 लाख रुपये का विशेष अनुदान आवंटित किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रिचार्जिंग व्यवस्थाएं की जा सकें। मुख्यमंत्री ने गाय आधारित प्राकृतिक कृषि अपनाने की अपील करते हुए भूमि का स्वास्थ्य सुधारने और भावी पीढ़ी को निरोगी भविष्य देने का संकल्प लेने को कहा।

30 जनवरी शहीद दिवस और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निर्वाण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों का भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने ग्राम स्वराज का संदेश देकर गांवों को स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग दिखाया था, जो आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत है।

इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण गृह निर्माण मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में 663 करोड़ रुपये की लागत से राज्यभर में 2666 ग्राम पंचायत भवनों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जिससे गुजरात के गांवों के विकास को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने भादरण के सरपंच उदयभाई पटेल को गांव के सर्वांगीण विकास के लिए बधाई दी और विभिन्न जिलों से आए सरपंचों से भादरण गांव से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि सरपंच और पटवारी-सह-मंत्री एक ही स्थान पर बैठकर गांव के विकास के लिए प्रभावी कार्य कर सकें, इसके लिए 10 हजार से अधिक आधुनिक ग्राम सचिवालय बनाने की मंशा व्यक्त की गई है, जिससे महात्मा गांधी के कथन ‘गांवों में भारत की आत्मा बसती है’ को सार्थक किया गया है।
 

Forum statistics

Threads
9,241
Messages
9,276
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top